वित्त मंत्रालय ने ब्याज दर घटाने का फैसला भले ही वापस ले लिया है। लेकिन विपक्ष ने सरकार को इस मुद्दे पर जबरदस्त घेरा है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अब निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बीत जाने के बाद केंद्र सरकार अपना 'अनर्थशास्त्र' फिर से लागू करेगी।
उन्होंने ट्वीट किया, 'कल रात में सरकार ने आमजनों की छोटी बचत वाली स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी थी। आज सुबह जब सरकारी जागी तो उसको पता चला कि अरे ये तो चुनाव का समय है। सुबह उठते ही सारा दोष "ओवरसाइट" (चूक) शब्द पर मढ़ते हुए सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया।'
प्रियंका ने दावा किया, 'चुनाव है तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं। एक बार चुनाव जाने दीजिए भाजपा अपना अनर्थशास्त्र फिर से लागू करेगी।'
Really @nsitharaman “oversight” in issuing the order to decrease interest rates on GOI schemes or election driven “hindsight” in withdrawing it? https://t.co/Duimt8daZu
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
April 1, 2021
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'मैडम वित्त मंत्री, क्या आप सर्कस चला रही हैं या सरकार? कोई भी इस स्थिति में अर्थव्यवस्था के चलने को लेकर कल्पना ही कर सकता है जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाले फैसले को चूकवश जारी कर दिया जाए। यह आदेश किसने जारी किया? आपको वित्त मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।'
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने के फैसले को वापस लेगी और उन्होंने ब्याज दरों को 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के स्तर पर लाने का आश्वासन दिया।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने लगातार दो ट्वीट कर सरकार को आड़े हाथ लिया है।
दिग्विजय सिंह ने पहले ट्वीट में लिखा कि चुनाव के डर से मोदी , शाह और निर्मला सरकार ने गरीब और आम आदमी की स्मॉल सेविंग पर ब्याज दर का फैसला बदल दिया है। ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा कि निर्मला जी यह वादा भी कर दीजिए कि चुनाव के बाद भी आप फिर से ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करेंगी।
दिग्विजय सिंह ने दूसरे ट्वीट में लिखा कि निर्मला जी यह भी हमें बता दें कि किसकी “Oversight” से यह आदेश निकले और ऐसे समय में जब भाजपा लोगों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है यह आदेश कैसे निकल गया।