प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 'डिजिटल इंडिया' को लेकर तेजी से काम चल रहा है। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में रोजमर्रा के खर्च के लिए 'कैश' का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि इससे पहले भी सभी मंत्रालयों को एडवायजरी जारी कर कहा गया था कि वे नकद लेन देन बंद कर दें। इसके लिए 'प्रीपेड डेबिट कार्ड' का इस्तेमाल करें। हालांकि इसके बाद भी अधिकांश मंत्रालयों में नकद लेन देन होता रहा। अब वित्त विभाग ने दोबारा से सभी विभागों से कहा है कि वे कैश के जरिए किसी भी वस्तु की खरीद बंद कर दें।
अगर किसी विभाग को आकस्मिक अग्रिम की जरुरत पड़ती है तो उसके लिए भी नकदी न लें। इस स्थिति में भी 'प्रीपेड डेबिट कार्ड' का प्रयोग करें। संबंधित विभाग का जिस भी बैंक में खाता है, वहां से डेबिट कार्ड जारी हो जाएगा। यह कार्ड विभाग के ही किसी एक अफसर के नाम पर जारी होगा। वही अधिकारी इस कार्ड का इस्तेमाल कर सकेगा। उस कार्ड का पासवर्ड आदि डिटेल, किसी दूसरे अफसर को नहीं बताई जाएगी। अगर वह अधिकारी रिटायर होता है या उसका तबादला होता है तो कई तरह की औपचारिकताएं पूरी कर वह कार्ड विभाग के पास जमा करा दिया जाएगा। अगर कोई ऐसी स्थिति आ गई है कि कैश बहुत जरुरी है तो उसके लिए 'प्रीपेड डेबिट कार्ड' के माध्यम से नकदी प्राप्त कर सकते हैं। जब उसी बैंक के एटीएम से नकदी निकालेंगे तो उस पर चार्ज नहीं लगेगा।