दूरसंचार मंत्रालय ने देश में डिजिटल तरीकों से बढ़ते कारोबार व लेन-देन के बीच इसमें होने वाली धोखाधड़ी व परेशान करने वाले कॉलों पर नकेल के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट के गठन का निर्णय किया है। दूरसंचार मंत्री ने झारखंड के जामताड़ा व हरियाणा के मेवात क्षेत्र से देशभर के लोगों के साथ होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए खास उपाय किए जाएं। बता दें, इन दोनों इलाकों से बड़े पैमाने पर आनलाइन धोखाधड़ी की जाती है। लुभावनी योजनाएं व लोन के नाम पर बातों में फंसाकर ग्राहकों से पैसा ऐंठ लिया जाता है। ये इलाके साइबर फ्रॉड के गढ़ बन गए हैं।
बैठक में डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने पर सर्वाधिक जोर दिया गया। बैठक में दूरसंचार सचिव, दूरसंचार सदस्य व डीडीजी एक्ससे सर्विस भी मौजूद थे।
बैठक में तय किया धोखेबाजों को किसी का भी पैसा नहीं हड़पने नहीं दिया जाए। मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार साधनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इनके जरिए आम आदमी की गाढ़ी कमाई को हड़पा जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए तत्काल कठोर व दंडनीय कार्रवाई की जाए।
डीएनडी के बाद भी आते हैं संदेश
अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों द्वारा डू नॉट डिस्टर्ब यानी डीएंडडी सेवा शुरू कराने के बाद भी उन्हें पंजीकृत टेली मार्केट कंपनियां व्यावसायिक संदेश भेजती रहती हैं। इसी तरह गैर पंजीकृत कंपनियां भी संदेश भेजती हैं।
सेवा प्रदाताओं की बैठक बुलाएं
मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की बैठक बुलाएं उन्हें इन मामलों की गंभीरता से अवगत कराएं। उन्हें इनसे संबंधित नियमों व कानूनों का सख्ती से पालन करने को कहा जाए। इनका उल्लंघन करने पर टेली मार्केट कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाए और बार-बार उल्लंघन करने पर उनके संसाधनों के कनेक्शन काट दिए जाएं।