वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि आकाश मिसाइल सिस्टम की ज्यादातर गड़बड़ियों को दूर कर लिया गया है और इसके सात और स्क्वॉड्रन का आदेश दिया गया है। अधिकारियों का यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिसमें कहा गया था कि आकाश मिसाइल सिस्टम में गड़बड़ी पाई गई है।
हालिया खबरों में कहा गया था कि वायुसेना के आकाश मिसाइल स्क्वॉड्रनों ने आकाश मिसाइल सिस्टम में गड़बड़ी की रिपोर्ट थी। इसमें लंबे वक्त तक सिस्टम के काम नहीं करने की शिकायत भी थी। स्क्वॉड्रनों ने आरोप लगाया था कि मिसाइल बनाने वाली भारत डायनामिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड समेत कई सरकारी एजेंसियों ने मिसाइल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी के बारे में सरकार को हकीकत नहीं बताई।
वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि ये ज्यादातर शुरुआती समस्याएं थी, जिन्हें दूर कर लिया गया है। हर स्वदेशी सिस्टम में आमतौर पर ऐसी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती समस्याओं के दूर होने बाद आकाश मिसाइलों की सात और स्क्वॉड्रनों का आदेश दिया गया है।
हाल ही में सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी ने वायुसेना के लिए आकाश मिसाइल सिस्टम के सात स्क्वॉड्रनों को मंजूरी दी थी। इस पर 5500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वायुसेना इन मिसाइल सिस्टम को पाकिस्तान और चीन से सटी सीमाओं पर तैनात करेगा, जिनसे दुश्मन के विमानों, ड्रोन और सर्विलांस एयरक्राफ्ट की सख्त निगरानी की जाएगी। आकाश एक मध्यम रेंज का सतह से हवा मिसाइल डिफेंस सिस्टम है।