देशभर के डॉक्टर इस समय हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों की हालत खराब है। डॉक्टरों की नाराजगी इस बात पर है कि केंद्र सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बनाने का प्रस्ताव संसद में पारित करवा लिया है। गुरुवार को यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो गया।
आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि जब देश में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया थी तो नेशनल मेडिकल कमीशन की जरूरत ही क्यों महसूस हुई। दरअसल, नीति आयोग को एमसीआई की कार्यप्रणाली पर ऐतराज था। आयोग का कहना है कि काउंसिल में डॉक्टरों की लॉबी सक्रिय रहती है, ऐसे में यह अपने मूल मकसद से भटक जाती है।
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