पेट्रोल ईंधन की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क तथा तेल कंपनियों द्वारा कीमत में छूट देने का फैसला कम से कम डीजल पर तो बेअसर हो गया है। पिछले दस दिनों में डीजल की कीमतों में 2.51 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है जबकि पेट्रोल के दाम 1.22 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं। इसी के साथ दिल्ली में डीजल का दाम चार अक्तूबर 2018 के स्तर पर से भी आगे बढ़ गया है। बीते चार अक्टूबर को दोनों ईंधनों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं तेल विपणन कंपनियों द्वारा दाम में कटौती का फैसला लिये जाने के बाद इसे पांच अक्तूबर से लागू कर दिया गया। लेकिन शनिवार 6 अक्तूबर से ही दोनों ईंधनों में कीमतों की बढ़ोतरी का दौर जारी है।
डीजल में ही देखें तो पिछले दस दिनों के दौरान इसकी कीमत में 2.51 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है जबकि पेट्रोल के दाम 1.22 रुपये बढ़ गए हैं।
सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 82.72 रुपये प्रति लीटर के साथ एक दिन पहले की कीमत पर ही बरकरार रही जबकि डीजल आठ पैसे प्रति लीटर बढ़ कर 75.46 रुपये पर चला गया। यह अभी तक का सर्वाधिक स्तर है। उल्लेखनीय है कि बीते चार अक्तूबर को जब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 75.45 रुपये पर पहुंच गई थी तब केंद्र सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतों में ढाई रुपये की कटौती का फैसला किया था।
इसी के साथ केंद्र ने राज्यों को भी वैट के मद में ढाई रुपये की कटौती का अनुरोध किया था। इसके बाद भाजपा शासन वाले दर्जन भर से भी ज्यादा राज्यों ने ऐसा किया था। इसके बाद इन राज्यों में दोनों ईंधनों की कीमतें जहां पांच रुपये प्रति लीटर कम हो गई थी तो अन्य राज्यों में ढाई रुपये प्रति लीटर।