सवाल - राजनीति में आने से पहले क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी रामलीला मंचन में हिस्सा लिया है। अगर हां, तो किसकी भूमिका निभाई थी?
जवाब - मांगी गई जानकारी रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है।
सूचना के अधिकार के तहत आवेदक पीएमओ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी किस तरह की जानकारी मांग रहे हैं ये सवाल-जवाब एक नमूना भर है।
अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक खबर के मुताबिक एक दूसरा आवेदक जानना चाहता है कि अक्टूबर 2014 से मई 2015 के बीच प्रधानमंत्री के किचन में 'कितने और किस तरीके के सिलिंडरों का उपयोग हुआ।' आवेदक ने साथ ही सिलिंडरों के बिल की कॉपी भी मांगी। इस सवाल के जवाब में पीएमओ ने कहा, 'प्राइम मिनिस्टर के किचन का खर्चा व्यक्तिगत है और इसका वहन सरकार नहीं करती।'
इस तरह के सवाल-जवाब को पीएमओ ने अपनी वेबसाइट पर लगाया है। इनमें से कुछ तो बहुत ही मजेदार है। इनमें आवेदकों ने प्रधानमंत्री का मोबाइल नंबर भी मांगा है और यह भी कि पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री कभी छुट्टी लेते हैं?
प्रधानमंत्री को तो छोड़िए आवेदकों ने पीएमओ स्टॉफ को भी नहीं बख्शा है। एक आवेदक जानना चाहता है कि क्या पीएम के प्रधान सचिव अपने सहयोगियों को कभी पिकनिक पर लेकर गए हैं।
पीएमओ की ओर से बेवसाइट पर पब्लिश किए गए सवाल-जवाब में से कुछ रोचक अंश -
सवाल - रिकॉर्ड और दस्तावेज दिखाइए जिनसे साबित होता हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधान सेवक है न कि प्रधानमंत्री?
जवाब - 'प्रधानमंत्री' के आधिकारिक पदनाम को बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।