औषधियों के सहारे भी मधुमेह (डायबिटीज) काे मात दी जा सकती है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ डायबिटीज में प्रकाशित अध्ययन में शामिल जेआईपीएमईआर के वरिष्ठ डॉ. सोमदत्त गिरी ने बताया कि यह औषधीय पौधे इंसानों के रक्त में शर्करा की मात्रा को कम करने की क्षमता रखते हैं।
इन्हीं में से 21 पौधों पर कई शोध हुए हैं जिनमें यह साबित हुआ है कि इनका इस्तेमाल मधुमेह उपचार में किया जा सकता है। इनसे दवाएं बनाई जा सकती हैं जो रोगी को सीधे तौर पर आराम दे सकती हैं। केंद्र सरकार के दो बड़े चिकित्सा संस्थानों ने मिलकर एक अध्ययन में दावा किया है कि 95 फीसदी औषधियों पर अब तक शोध नहीं हुए हैं।
अगर इन पर ध्यान दिया जाए तो मधुमेह उपचार की राह और आसान बनाई जा सकती है। पांडिचेरी स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) और पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं ने करीब 400 ऐसे औषधि पौधों की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल मधुमेह केउपचार में संभव है। हालांकि इसके लिए शोध भी जरूरी हैं।
बीजीआर-34 दवा का दिखा बेहतरीन असर
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने गहन अध्ययन के बाद बीजीआर-34 दवा को तैयार किया, जिसमें दारुहरिद्रा गुड़मार, मेथी और विजयसार से प्राप्त विभिन्न प्रभावी फाइटो कंपाउंड हैं। इसमें प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय और मजीठ जैसे पादम भी मिलाए गए। हाल ही में, नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक अध्ययन में आयुर्वेदिक दवा बीजीआर-34 को मधुमेह रोगियों के लिए न सिर्फ असरदार पाया बल्कि इसके सेवन से रोगियों के मेटाबॉलिज्म तंत्र में भी सुधार देखा गया।
इनके मिले हैं वैज्ञानिक साक्ष्य
अध्ययन में बताया कि अब तक विजयसार, जामुन, जीरा, ईसबगोल, तिल, दारुहरिद्रा, एलोवेरा, बेल, मेथी, अदरक, नीम, शकरकंद, आमला, लहसुन, हल्दी, गुड़ुची, दालचीनी, कुंदुकी और कटहल में मौजूद शर्करा कम करने वाले सक्रिय तत्वों की पहचान हुई है।
देश में आठ करोड़ लोग मधुमेह टाइप-2 रोगी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भारत में अभी करीब आठ करोड़ लोग मधुमेह टाइप 2 से ग्रस्त हैं। एक अनुमान के अनुसार, 2022 में 7.7 करोड़ से अधिक भारतीयों को मधुमेह का निदान किया गया और यह संख्या 2045 तक 12.40 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। टाइप 2 मधुमेह भारत में सभी मधुमेह के मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक है।