सीबीआई ने अपने बयान में कहा है, जांच के दौरान यह पाया गया कि डीएचएफएल के प्रवर्तकों ने कथित तौर पर फंड को डायवर्ट किया और विभिन्न जगहों पर उसका निवेश किया। उस फंड से उन्होंने महंगी पेंटिंग और मूर्तियां भी खरीदी, जिसकी कीमत करीब 55 करोेड़ रुपये हैं।
दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) द्वारा कथित तौर पर किए गए देश के सबसे बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी घोटाले के तार अंडरवर्ल्ड से जुड़ते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस संबंध में पाकिस्तान स्थित अपराधी छोटा शकील के साथ कुछ संदिग्धों की जांच कर रही है।
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सीबीआई ने मुंबई और पुणे में ली तलाशी
जांच अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिससे यह पता चलता है कि जनता के पैसे को कथित रूप से शकील से जुड़े लोगों को भेजा गया था। अधिकारियों ने कहा कि इस पहलू की आगे जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीएचएफएल घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने शुक्रवार को मुंबई और पुणे में तीन स्थानों पर तलाशी ली। एजेंसी ने यहां से 40 करोड़ रुपये से अधिक की पेंटिंग और मूर्तियां बरामद कीं।
अजय रमेश नवनदार के ठिकानों से मिली करोड़ों की विदेशी घड़ियां
बीआई को मुंबई में अजय रमेश नवनदार के ठिकानों पर छापे में करोड़ों की विदेशी घड़ियां मिलीं। वहीं, रेबेका दीवान के खार पश्चिम के फ्लैट में तलाशी अभियान चलाया गया। समझा जाता है कि यह डीएचएफएल के कपिल वधावन से लिया गया था।
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फंड से खरीदीं करीब 55 करोड़ की पेंटिंग और मूर्तियां
सीबीआई ने अपने बयान में कहा है, जांच के दौरान यह पाया गया कि डीएचएफएल के प्रवर्तकों ने कथित तौर पर फंड को डायवर्ट किया और विभिन्न जगहों पर उसका निवेश किया। उस फंड से उन्होंने महंगी पेंटिंग और मूर्तियां भी खरीदी, जिसकी कीमत करीब 55 करोेड़ रुपये हैं।
गौरतलब है कि सीबीआई 34,615 करोड़ के घोटाले में डीएचएफएल, उसके पूर्व सीएमडी कपिल वधावन, निदेशक धीरज वधावन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है।