सार
Dharwad MLA Vinay Kulkarni: कर्नाटक के धारवाड़ से कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता फिर बहाल हो गई है। हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाई, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने अयोग्यता का आदेश रद्द कर दिया। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले नेता को मिली इस राहत से राजनीति भी गरमा गई है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब आगे क्या होगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
धारवाड़ में उपचुनाव नहीं होगा?
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कर्नाटक के धारवाड़ से कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल कर दी है। विधानसभा सचिवालय ने 3 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में कहा कि 2 मई 2026 को जारी अयोग्यता का आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। इस फैसले के बाद धारवाड़ में उनके समर्थकों ने खुशी जताई, जबकि मामले से जुड़े पक्षकारों ने आगे कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
विनय कुलकर्णी को धारवाड़ जिला पंचायत सदस्य योगीश गौड़ा की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। कुलकर्णी ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी। लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगा दी और उन्हें अंतरिम जमानत भी दे दी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल करने का आदेश जारी किया। इस अधिसूचना की प्रतियां भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संसद सचिवालय सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद सदस्यता कैसे बहाल हुई?
कर्नाटक विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद विनय कुलकर्णी के खिलाफ जारी अयोग्यता आदेश स्वतः प्रभावहीन हो गया। इसी आधार पर उनकी विधायक सदस्यता बहाल कर दी गई। हाईकोर्ट ने फिलहाल उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाई है। इसका मतलब यह है कि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल कुलकर्णी फिर से विधायक के रूप में अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
फैसले पर दोनों पक्षों की क्या प्रतिक्रिया रही?
हाईकोर्ट के फैसले के बाद धारवाड़ में विनय कुलकर्णी के समर्थकों ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। दूसरी ओर, योगीश गौड़ा हत्या मामले को सीबीआई जांच तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाने वाले जनजागृति संघ के अध्यक्ष बसवराज कोरवर ने कहा कि विशेष अदालत का फैसला सही था और उन्होंने उस फैसले का स्वागत किया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं योगीश गौड़ा के भाई गुरुनाथ गौड़ा ने भी कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन न्याय के लिए उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
क्या अब उपचुनाव की संभावना खत्म हो गई है?
विनय कुलकर्णी की सदस्यता बहाल होने के बाद धारवाड़ विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव की चर्चा फिलहाल समाप्त हो गई है। इस फैसले से उन नेताओं की राजनीतिक उम्मीदों को भी झटका लगा है, जो उपचुनाव की तैयारी में थे। दूसरी ओर, योगीश गौड़ा के परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में इस मामले का अंतिम कानूनी फैसला अभी आना बाकी है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने विनय कुलकर्णी को बड़ी राहत और सक्रिय राजनीति में वापसी का मौका दे दिया है।