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मेरे आने से भूकंप आ जाएगा, इस डर से नहीं बुलाते लोग: धर्मेंद्र प्रधान

Mon, 04 Feb 2019 09:42 PM IST
टीम डिजिटल डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : SELF
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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ओएनजीसी वाले उन्हें किसी कार्यक्रम में इसलिए नहीं बुलाते क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं वे उन्हें बुलाएंगे तो भूकंप आ जाएगा। मजाकिया अंदाज में आए उनके इस बयान के बाद पूरा हाल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।

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वे ओएनजीसी के केंद्रीय सदस्यों की कार्यकारिणी की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रधान ने ऐसा बयान क्यों दिया, इसके पीछे भी एक वजह है। दरअसल, लगभग तीन साल पहले दिल्ली में वे ओएनजीसी के ही एक कार्यक्रम में वे भागीदारी कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान ही अचानक भूकंप आ गया जिसकी वजह से कार्यक्रम काफी अव्यवस्थित हो गया।

आज अपने इस बयान के बहाने पेट्रोलियम और गैस मंत्री प्रधान ने उन्हीं पलों को याद किया। इसके पहले राहुल गांधी के भूकंप वाले बयान की काफी चर्चा हुई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वे संसद में बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा। भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में पचास के दशक से ही गैस सेवा की शुरुआत हो गई थी। 2014 में भाजपा की सरकार आने के पहले लगभग 13 करोड़ गैस कनेक्शन सरकार के द्वारा बांटे गए थे।
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लेकिन 2014 से 2019 के बीच के पांच सालों के बीच में 12 करोड़ नए गैस कनेक्शन सरकार ने लोगों को दिये हैं। देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है और लगभग चार करोड़ नए परिवारों तक बिजली उपलब्ध कराई गई है। इससे सरकार के काम करने का इरादा साफ झलकता है। प्रधान ने कहा कि यह केवल सरकार के काम करने की वजह से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में ऊर्जा के बढ़ते उपयोग की वजह से भी हो रहा है। ऐसे में ओएनजीसी सहित सभी ऊर्जा उपक्रमों का प्रदर्शन आगे आने वाली चुनौतियों के लिहाज से बढ़ाए जाने की जरुरत है।    

पूरी दुनिया के गरीबों की मदद कर सकता है भारत

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत दुनिया के ऊर्जा बाजार का बड़ा ग्राहक है। अगर वह अपनी मौजूदा क्षमता का तेजी से विस्तार कर लेता है तो उसे विश्व बाजार से तेल खरीदने की जरुरत कम होगी। इससे तेल की कीमतों पर अवश्य असर पड़ेगा। तेल की कीमतें कम होने से उन गरीब देशों को भी ज्यादा तेल उपलब्ध हो सकेगा जो ज्यादा कीमत की वजह से तेल की कम खरीद कर पाते हैं।  

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