केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि भारतीय कंपनियां ईरान से तेल खरीदना जारी रखेंगी। सोमवार को मंत्री ने कहा कि ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद नवंबर में भारत उससे तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने ईरान से तेल आयात करने के सवाल पर कहा, 'हमें अपनी घरेलू जरुरतों को पूरा करना है। हमारी कुछ कंपनियों ने पहले ही नवंबर के अपने कोटा को नामित कर लिया है।'
नई दिल्ली में आयोजित एनर्जी फोरम के दौरान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि वैश्विक नेता हमारी जरूरतों को समझेंगे।' मंत्री का बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब ईरान पर 4 नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने वाले हैं। वर्तमान में भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों के लिए ईरान पर काफी ज्यादा निर्भर करता है। पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने तेल कीमतों पर लगी एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। मंत्री ने कहा कि यह कीमतें दोबारा सरकार के नियंत्रण में नहीं लाया जाएगा।
इससे पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली भी स्पष्ट कर चुके हैं कि
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को सरकार के नियंत्रण में नहीं लाया जाएगा। यूपीए-2 के शासनकाल में जून 2010 में पेट्रोल जबकि एनडीए सरकार में अक्तूबर 2014 में डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त करने का फैसला लिया गया था। साथ ही तय हुआ कि तेल विपणन कंपनियां हर 15 दिन में दोनों ईंधनों की कीमतें तय करेंगी। अक्तूबर, 2014 से पहले इनकी कीमत सरकार तय करती थी। इसके बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 16 जून, 2017 को रोजाना कीमतें तय करने की व्यवस्था शुरू कर दी।