सार
कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर मामले में झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार सीएन चिन्नैया को 18 दिसंबर को जमानत मिली। रिहाई के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया कि सक्रिय कार्यकर्ता महेश शेट्टी थिमरौडी, गिरीश मत्तेनावर, टी. जयंथ, विट्टला गौड़ा और यूट्यूबर समीर एमडी उनकी और परिवार की जान को खतरे में डाल सकते हैं।
कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर के मामले में झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार सीएन चिन्नैया को हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया था। रिहाई के बाद शनिवार को उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरे की बात कही। पुलिस के अनुसार, चिन्नैया ने अपनी शिकायत में सक्रिय कार्यकर्ता महेश शेट्टी थिमरौडी, गिरीश मत्तेनावर, टी. जयंथ, विट्टला गौड़ा और यूट्यूबर समीर एमडी के नाम लिए हैं। ये लोग उस अभियान का हिस्सा थे जिसमें धर्मस्थल के पास अक्तूबर 2012 में 17 साल की पूर्व-विश्वविद्यालय छात्रा के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग की गई थी।
मामले में चिन्नैया ने दावा किया कि उन्होंने कई मामलों में अपनी कथनों को वापस लिया है और इसके कारण ये लोग उन्हें और उनकी पत्नी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनका आरोप है कि इन लोगों ने उन्हें धर्मस्थल मामले में झूठी शिकायत करने के लिए दबाव बनाया था।
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18 दिसंबर को हुई थी चिन्नैया की रिहाई
बता दें कि चिन्नैया, जो पहले शिवमोग्गा जिले की जेल में थे, 18 दिसंबर को जमानत पर रिहा हुए। उसी दिन वह अपनी पत्नी और बहन के साथ धर्मस्थल पुलिस स्टेशन गए और सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो पुलिस जिम्मेदार होगी। बेलथंगडी पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज कर ली है। वहीं दक्षिण कन्नड़ के उप-पुलिस अधीक्षक अरुण के ने बताया कि अब इस शिकायत के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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एसआईटी ने पेश की 3900 पेज की रिपोर्ट
पिछले महीने, धर्मस्थल में कथित दुष्कर्म, हत्या और गुप्त दफनाने के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बेलथंगडी कोर्ट में 3,900 पेज की रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में छह लोगों को आरोपी बताया गया, जिनमें चिन्नैया भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि मामले में धर्मस्थल मंदिर में सफाईकर्मी चिन्नैया ने दावा किया था कि 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में महिलाओं और नाबालिगों के कई शव गुप्त रूप से दफनाए गए, जिनमें से कुछ पर दुष्कर्म के निशान भी थे। हालांकि एसआईटी ने उनकी कथनों और सबूतों में काफी विरोधाभास पाए।
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