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Dhankhar Vs Mamata: प. बंगाल के राज्यपाल धनखड़ ने आरबीयू के अगले कुलपति का नाम घोषित किया, मचा सियासी घमासान

Fri, 01 Jul 2022 10:36 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धनखड़ ने साबित कर दिया कि वह लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास नहीं करते हैं
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (आरबीयू) के अगले कुलपति को नामित कर नया सियासी तूफान खड़ कर दिया है। उन्होंने यह फैसला ऐसे हालात में लिया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति नामित करने वाले विधेयक को सरकार मंजूरी दे चुकी है। विश्वविद्यालयों को उनकी अनिवार्य अनुमति का इंतजार है। राज्यपाल अपने कार्यालय के समय से राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के वर्तमान चांसलर हैं और वर्तमान आरबीयू के कुलपति सब्यसाची बसु रॉय चौधरी का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है।

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विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया 
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने राज्यपाल की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धनखड़ ने साबित कर दिया कि वह लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास नहीं करते हैं। धनखड़ ने आरबीयू के नृत्य विभाग में प्रोफेसर महुआ मुखर्जी को अगला कुलपति नियुक्त किया है। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया कि उन्होंने रवींद्र भारती अधिनियम, 1981 की धारा 9(1)(बी) के तहत मुखर्जी को अगला कुलपति नियुक्त किया है। राज्यपाल ने इस पद के लिए सरकारी खोज समिति की सिफारिश का हवाला देते हुए एक नोट भी संलग्न किया है। कहा कि वह मुखर्जी को चुन रहे हैं, जिनका नाम सूची में सबसे ऊपर है।

टीएमसी के राज्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा मुख्यमंत्री को राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति के रूप में नियुक्त करने वाले विधेयक के लिए उनकी सहमति का इंतजार है, माननीय राज्यपाल ने जल्दबाजी में आरबीयू के वीसी के रूप में एक नाम की घोषणा की। उन्होंने घोषणा से पहले शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को विश्वास में लेने की जहमत नहीं उठाई। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। वह इस तरह की चीजें एकतरफा नहीं कर सकते। इस सदन ने सीएम को राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में नियुक्त करने वाले विधेयक को पारित किया है।  
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