नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए दो सदस्यों की एक टीम गठित की है। बता दें जिस वक्त यह घटना हुई तब राहुल गांधी अपने कुछ सहयोगियों के साथ दिल्ली से हुबली जा रहे थे और वह फाल्कन 2000 एयरक्राफ्ट वीटी-एवीएट प्लेन में मौजूद थे।
डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने संचालक की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि यह झटका ऑटो पायलट मोड की वजह से लगा था। जिसके बाद पायलट ने विमान को मैनुअल मोड में ट्रांसफर किया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग की। उन्होंने कहा कि वीआईपी उड़ानों के लिए डीजीसीए अच्छी तरह से जांच करता है। वहीं इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यों की टीम गठित की गई है। जिसकी रिपोर्ट अगले दो से तीन हफ्तों के बाद आ जाएगी।
इसके बाद डीजीसीए का अगला कदम पैनल की रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लेना होगा। वहीं विमान के अन्य अधिकारियों का कहना है कि शीर्ष राजनेता उन्हीं कंपनियों के प्राइवेट बिजनेस जेट इस्तेमाल करते हैं जिन पर उन्हें भरोसा हो। इसके साथ ही इन बड़ी कंपनियों के चार्टर फर्म भी हैं जिनसे राजनीतिक पार्टियों द्वारा विमान किराए पर लिए जाते हैं।
गौरतलब है कि 12 मई को होने वाले चुनावों के प्रचार के लिए राहुल गांधी दिल्ली से हुबली के लिए गुरुवार को रवाना हुए थे। जिसमें उड़ान के दौरान कुछ दिक्कतें आई थीं। इसकी शिकायत राहुल के सहयोगी ने पुलिस महानिदेशक नीलमणि एन. राजू को की थी। इसके बाद राज्य पुलिस प्रमुख ने विमान की जांच के लिए आग्रह किया। शिकायत में कहा गया है कि यह पूरी घटना सुबह करीब पौने 11 बजे की थी।
इस मामले में पुलिस उपायुक्त रेणुका सुकुमार ने बताया कि उन्होंने आईपीसी की धाराओं के तहत लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि विमान का ऑटो पायलट मोड काम नहीं कर रहा था। वहीं तेजी से नीचे गिरते विमान को तीसरी कोशिश के बाद दिन में करीब 11.25 पर हुबली हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।