नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट कर्मचारी पर हमला करने वाले सैन्य अधिकारी को पांच साल के लिए नो-फ्लाई सूची में डाल दिया है। यह घटना 26 जुलाई को हुई थी। जब सेना के अधिकारी ने श्रीनगर हवाईअड्डे पर स्पाइसजेट के चार ग्राउंड स्टाफ के साथ मारपीट की थी।
मुक्कों और पैरों से मारने के आरोप
स्पाइसजेट कर्मचारी मुदासिर अहमद ने घटना को लेकर बताया कि जब उन्होंने अधिकारी को अतिरिक्त सामान के लिए भुगतान करने को कहा तो उसने उन पर हमला कर दिया। अहमद ने कहा, उसने मेरे चेहरे पर सामान से वार किया। उसने मुझे थप्पड़ मारे और मुझे पीटना शुरू कर दिया। उसने मुझे मुक्कों और पैरों से मारा। इस हमले में स्पाइसजेट कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी।
अतिरिक्त सामान के लिए पैसे देने होंगे
मुदासिर ने बताया कि उसके पास दो बैग थे। मैंने उसे जांच के लिए रोका। जैसे ही मैंने उसे साइड में जाने को कहा, वह चिल्लाने लगा। मैंने उसे बताया कि उसके हैंड बैगेज का वजन 16 किलो है और वह दो बैग और भी ले जा रहे हैं। जबकि सिर्फ सात किलो वजन वाले एक बैग की ही इजाजत है। मैंने उससे कहा कि उसे अतिरिक्त सामान के लिए पैसे देने होंगे। वह फिर से चिल्लाने लगा।
जबरन बोर्डिंग गेट में प्रवेश करने की कोशिश
उन्होंने बताया कि मैंने अपने ड्यूटी मैनेजर को फोन किया और उन्हें आने के लिए कहा। मैनेजर ने भी उसे समझाया। इसके अलावा अधिकारी ने सीआईएसएफ कर्मियों को भी धक्का देकर जबरन बोर्डिंग गेट में प्रवेश करने की कोशिश की। जिसकी इजाजत नहीं है। सीआईएसएफ कर्मचारी उसे वापस ले आए। उसे फिर से पैसे देने के लिए कहा गया। अहमद ने आगे कहा, बोर्डिंग गेट पर, उसने अपने बैग से कुछ चीजें निकालीं और अपने सामने खड़े एक कर्मचारी पर फेंक दीं।
ये भी पढ़ें- Aviation: एअर इंडिया व एअर इंडिया एक्सप्रेस को उठाना पड़ा ₹9568 करोड़ का घाटा, सरकार ने सदन में दिए आंकड़े
जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग
इस मामले पर 3 अगस्त को भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि वह मामले की जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। सेना ने कहा कि उसे घटना की जानकारी है और उसने अनुशासन के उच्च मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उसने मामले की जांच में अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।