मंदिर ने 10 हजार पताकाओं का निर्माण कराया
मंदिर के प्रबंधक (अतिरिक्त) रवींद्र गोयल ने कहा कि राजधानी दिल्ली के आसपास के सैकड़ों मंदिर हर नवरात्रों में झंडेवालान मंदिर से ज्योति ले जाकर अपने यहां ज्योति जलाते हैं। दूर-दूर से आने वाले ऐसे सभी भक्तों के लिए ठहरने और उनके भोजन इत्यादि का पूरा प्रबंध किया गया है। चूंकि, नवरात्रों के साथ ही नव संवत्सर का भी प्रारंभ हो रहा है, मंदिर ने 10 हजार पताकाओं का निर्माण कराया है। जो भक्त इसे अपने घरों पर फहराना चाहते हैं, वे मंदिर से इसे प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के दौरान फूल-नारियल चढ़ाने पर लगा था प्रतिबंध
कोरोना काल से ही भक्तों के द्वारा मंदिर में फूल-नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था जो अब भी जारी है। यह प्रतिबंध लोगों की सुरक्षा और किसी प्रकार के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लगाया गया है। भक्त मंदिर के बाहर ही अपना प्रसाद मंदिर के द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को सौंप सकते हैं। पूरे मंदिर परिसर में 260 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं जिससे हर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। मंदिर के हर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध रहेगा। जो भक्त किसी कारण मंदिर पहुंचने में असमर्थ होंगे, वे अपने घरों पर ही अपने मोबाइल पर देवी के दर्शन कर सकेंगे।
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छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर और बिड़ला मंदिर में भी नवरात्रि की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही हैं। दिल्ली पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर पूरे मंदिर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। छतरपुर मंदिर में भी भक्त कोई माला-नारियल देवी को नहीं चढ़ा सकेंगे। लेकिन मंदिर परिसर में बने एक विशेष स्थल पर वे देवी के नाम पर इसे अर्पित कर सकेंगे।