यह सिर्फ एक संगीत समारोह नहीं, बल्कि एक कृष्ण भक्ति अनुभव है जो शांति, आनंद और आध्यात्मिक जुड़ाव का माहौल बनाएगा। 'अनंत नाद' को एक सामूहिक पेशकश के रूप में देखा जा रहा है, जहां हर भजन एक साथ गाया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'वृंदावन अनुभव' है, जो दिल्ली के केंद्र में वृंदावन की शांति, दिव्य प्रेम और पवित्र भक्ति को महसूस कराएगा। इसका उद्देश्य आस्था को आधुनिक संस्कृति के केंद्र में लाना है। कार्यक्रम का टिकट विशेष रूप से बुकमाईशो पर उपलब्ध होगा। अमर उजाला इसके प्रिंट पार्टनर के रूप में जुड़ा है।
देवी चित्रलेखा जी की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ा आयोजन
‘अनंत नाद’ की आध्यात्मिक सोच देवी चित्रलेखा जी की लंबे समय से चली आ रही भक्ति यात्रा से जुड़ी है। वह सनातन धर्म की शिक्षाओं को रोजमर्रा के जीवन से जोड़कर प्रस्तुत करती हैं। उनकी कथाओं में भक्ति, सेवा, करुणा, पारिवारिक मूल्यों और जीवन में आध्यात्मिक शिक्षाओं की उपयोगिता पर जोर दिया जाता है। उनकी संकर्तन यात्राओं के जरिए हरिनाम संकीर्तन, संगीत और सामूहिक भागीदारी का संदेश भारत के साथ 35 से अधिक देशों तक पहुंचा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, लाइव प्रसारण और भक्ति संगीत के जरिए भी बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़े हैं।
सितार वादन भी रहेगा खास आकर्षण
'अनंत नाद' में सितार साधक भागीरथ भट्ट भी अपनी प्रस्तुति देंगे। उनके संगीत में भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति भाव का मेल देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में लाइव ऑर्केस्ट्रा, भक्ति गायन, कोरस और दृश्य प्रस्तुति के साथ सितार की धुनें भी शाम के आध्यात्मिक माहौल को खास बनाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दर्शकों और कलाकार के बीच सामान्य प्रस्तुति की दूरी को कम करते हुए इसे सामूहिक भक्ति के अनुभव में बदलना है। यहां हर भजन को मिलकर गाने और भक्ति में सहभागी बनने पर जोर रहेगा।
आयोजन की प्रमुख जानकारी
कार्यक्रम: अनंत नाद–म्यूजिक फॉर द सोल (ग्रैंड प्रीमियर)
तारीख: 23 अगस्त 2026
समय: शाम 7:30 बजे
स्थान: यशोभूमि, नई दिल्ली