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महाराष्ट्र कोरोना संकटः फडणवीस बोले- ठाकरे सरकार एक्शन पैरालिसिस की शिकार है

Sat, 06 Jun 2020 09:24 PM IST
मुकेश कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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देवेंद्र फडणवीस - फोटो : file pic
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मुंबई और महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। सरकार कहती हैं कि कोरोना संक्रमितों का मुफ्त में इलाज हो रहा है। दूसरी तरफ मुंबई में चुनिंदा अस्पतालों को कोरोना के इलाज से छूट दे रखी है।

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शनिवार को फडणवीस ने शनिवार को ऑनलाईन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुंबई के निजी अस्पतालों के 80 फीसदी बेड अधिकार में लेने की बात की गई जबकि वास्तव में बेड लिए ही नहीं गए। अच्छे अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं है। क्योंकि बेड मैनेजमेंट कर रखा गया है। लेकिन पिछले दरवाजे से मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। दो हप्ते पहले स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे ने घोषणा की थी कि राज्य में कोरोना के सभी मरीजों को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलेगा। जबकि असल में सरकार ने चुनिंदा अस्पतालों को इस योजना से छूट दे रखी है। इसलिए प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर, राज्य की सरकार न केवल पॉलिसी पैरालिसिस की बल्कि एक्शन पैरालिसिस की भी शिकार है। तीन दलों (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) की महाविकास आघाड़ी सरकार में समन्वय का घोर अभाव है।

35 हजार की क्षमता, हो रही हैं मात्र 8 हजार की जांच
महाराष्ट्र में प्रतिदिन 35 हजार कोविड-19 की जांच की क्षमता है लेकिन मौजूदा समय में 8 हजार से ज्यादा जांच नहीं हो रही है। वहीं, प्राइवेट लैब में जांच लगभग बंद है। मुंबई में एक मई को 56 प्रतिशत जांच हुई थी जो अब 27 फीसदी हो गई है। ऐसे में सरकार का यह दावा गलत है कि अधिक टेस्ट होने से मरीज ज्यादा बढ़ रहे हैं।
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उद्धव के लोकप्रिय मुख्यमंत्री के तमगे पर फडणवीस का तंज
आईएएनएस-सी वोटर के सर्वे में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों की सूची में उद्धव ठाकरे को पांचवां स्थान मिलने पर देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि, किस एजेंसी ने सर्वे किया है यह मुझे नहीं मालूम। लेकिन अगर, सोशल मीडिया पर जाकर मुंबई की अवस्था देखेंगे तो किसकी लोकप्रियता कितनी है यह पता चल जाएगा।

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