महाराष्ट्र में जाति सत्यापन समितियों को लेकर कई बार विवाद सामने आ चुका है। हालांकि सरकार ने कई मौकों पर इस मुद्दे को हल करने की बात कही है। वहीं भाजपा एमएलसी रमेश पाटिल ने राज्य विधान परिषद में इस मामले पर सवाल किया तो उनका जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में जाति सत्यापन समितियां भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई हैं।
अधिकारी कर रहे पद का दुरुपयोग
आगे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए एक बेहतर और पारदर्शी पैनल बनाएगी। ऐसे अधिकारी हैं जो लगभग 15 वर्षों से इन समितियों में काम कर रहे हैं और वे वित्तीय लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग करते हैं। राज्य सरकार एक बेहतर और पारदर्शी समिति बनाने की कोशिश करेगी।
इस तरह की कार्यप्रणाली अन्य राज्यों में नहीं
उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि उन्होंने इस तरह की कार्यप्रणाली अन्य राज्यों में नहीं देखी। उन्होंने कहा कि पूरे सिस्टम को लोगों के लिए कम कठिन बनाने के समाधान और सुझावों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की जाएगी।
चुनौतियों को दूर करने के लिए उचित नीति बनाई जाएगी
भाजपा एमएलसी प्रवीण दटके के सवाल का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि कुछ जातियां जो पहले राज्य के रिकॉर्ड में सूचीबद्ध नहीं थीं, उन्हें अब मान्यता दी गई है। हालाँकि, जाति सत्यापन समितियाँ अभी भी कुछ समुदायों के लोगों के लिए समस्याएँ पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि जाति सत्यापन समितियों में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए उचित नीति बनाई जाएगी।