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Politics: लगातार दूसरे दिन एकनाथ शिंदे से मिले फडणवीस, सीएम बदलने की अटकलों को BJP प्रदेशाध्यक्ष ने किया खारिज

Sat, 08 Jul 2023 06:29 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में कुछ बदलाव हो सकते हैं। मैंने सुन है कि सीएम एकनाथ शिंदे को इस्तीफा देने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, नए मुख्यमंत्री के अटकलों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सिरे से खारिज कर दिया।
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NCP Crisis - फोटो : Social Media
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों लगातार खींचतान चल रही है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। बैठक देर रात तक चली।

उद्धव गुट की नेता शिंदे गुट में शामिल हो गई

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार रात मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बैठक की। बैठक के बाद फडणवीस को सीएम आवास वर्षा से बाहर आते देखा गया। बता दें, बैठक से पहले शुक्रवार को उद्धव गुट की नेता और विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे शिंदे गुट में शामिल हो गईं। शिंदे गुट में शामिल होने के बाद गोरे ने कहा- एकनाथ शिंदे के कुशल नेतृत्व में शिवसेना अच्छा काम कर रही है। राज्य में प्रगित हो रही है। 

भाजपा ने कहा- शिंदे ही सीएम रहेंगे
उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में कुछ बदलाव हो सकते हैं। मैंने सुन है कि सीएम एकनाथ शिंदे को इस्तीफा देने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, नए मुख्यमंत्री के अटकलों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। शिंदे ही सीएम रहेंगे। देवेंद्र फडनवीस सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता पहले ही साफ कर चुके हैं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही बने रहेंगे। शिंदे राज्य के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। विपक्षी दल भ्रम पैदा कर रहे हैं। 

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मेरे पद को कोई खतरा नहीं: शिंदे
इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि एनसीपी नेता अजित पवार के सरकार में शामिल होने से उनके पद को कोई खतरा नहीं है और मुख्यमंत्री पद से हटने की बातें अफवाहें हैं। अजित पवार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टियां तभी टूटती हैं जब उसमें कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने खुद कहा था कि शरद पवार 2017, 2019 में भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहते थे मगर बाद में पीछे हट गए। शिंदे ने कहा कि खुद शरद पवार ने मुख्यमंत्री वसंत दादा पाटिल (1978) और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी (1999) के खिलाफ विद्रोह किया था।

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