फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र में गतिरोध के बीच अमित शाह से मिलने दिल्ली आएंगे फडणवीस

Sun, 03 Nov 2019 11:14 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे-देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच तनातनी जारी है। शिवसेना द्वारा महाराष्ट्र में सरकार बनाने के बारे में पूछे जाने पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपको आने वाले दिनों में इसके बारे में पता चल जाएगा। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली आएंगे। जानकारी के मुताबिक वह महाराष्ट्र में वर्षा प्रभावित किसानों के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त मदद मांगने दिल्ली आ रहे हैं। 

विज्ञापन




 



महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अकोला में कहा कि मुझे लगता है कि सरकार के गठन में गतिरोध जल्द ही समाप्त हो जाएगा, अंत में सभी को राज्य के लोगों के लाभ के लिए काम करना होगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार जल्द बनेगी।
 




उद्धव और फडणवीस ने किया बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राज्य में उन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जहां बेमौसम बारिश के कारण फसल नष्ट हुई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि फडणवीस ने रविवार को अकोला में किसानों से मुलाकात की और नष्ट फसलों का मुआयना किया।
विज्ञापन


वहीं शिवसेना की ओर से जारी बयान के अनुसार ठाकरे रविवार को औरंगाबाद जिले में पहुंचे जहां कन्नड़ और वैजापुर तालुका में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने शनिवार को बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए विशेष प्रावधान के तहत 10,000 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।


फडणवीस ने बुलाई बैठक, नहीं पहुंचे थे शिवसेना के मंत्री 
शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई मंत्रियों की बैठक में शिवसेना के मंत्री शामिल नहीं हुए। फडणवीस ने महाराष्ट्र में भीषण बरसात से किसानों को हुए नुकसान और क्षतिपूर्ति पर विचार विमर्श को लेकर कैबिनेट उपसमिति की बैठक बुलाई थी। शिंदे ने कहा कि वह औरंगाबाद जा रहे हैं और सीधे खेतों में जाकर किसानों से मिलेंगे।

क्या राष्ट्रपति भाजपा की जेब में हैं? 
इससे पहले, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार के बयान को लेकर निशाना साधा। सामना में ‘महाराष्ट्र का अपमान, क्या राष्ट्रपति आपकी जेब में हैं?’ शीर्षक से लिखे लेख में मुनगंटीवार के बयान को अलोकतांत्रिक व असांविधानिक बताया गया। इसमें लिखा, मुनगंटीवार द्वारा दी गई धमकी से आम लोग क्या समझेंगे? इसका मतलब भारत के राष्ट्रपति आपकी (भाजपा की) जेब में हैं या राष्ट्रपति दफ्तर की मुहर भाजपा के दफ्तर में रखी हुई है? क्या ये लोग यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनने पर भाजपा राष्ट्रपति शासन थोप सकती है। गौरतलब है कि शुक्रवार को भाजपा नेता ने कहा था कि अगर सात नवंबर तक सरकार नहीं बनती है, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। 

गुर्राने वाले बाघ का क्या करना है, मुझे पता है : मुनगंटीवार
सामना के तीखे संपादकीय पर मुनगंटीवार ने कहा है कि गुर्राने वाले बाघ के साथ क्या करना चाहिए, मुझे पता है क्योंकि मैं राज्य का वनमंत्री हूं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मैंने हमेशा भाजपा-शिवसेना गठबंधंन को जोड़ने के प्रयास किए हैं। इस बार भी हर हाल में गुर्रा रहे बाघ को हमें साथ लेना ही है। चुनाव नतीजों को करीब दस दिन हो रहे हैं और सरकार नहीं बनी है, ऐसे में मैंने वही कहा जो कानून और संविधान के अनुसार है। इसमें गलत कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करना भाजपा और शिवसेना का कर्तव्य है। मंत्री पदों के बंटवारे पर बैठकर बातचीत हो सकती है। मुझे भरोसा है कि 6 या 7 नवंबर को महाराष्ट्र में नई सरकार शपथ लेगी।  

विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें