फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: 'हमारे सामने विकास की चुनौती, भाषा का अभिमान करने से बचें', भाजपा नेता राम माधव ने किया आग्रह

Wed, 09 Jul 2025 10:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

भाजपा नेता राम माधव ने विकास की चुनौतियों के समय भाषा अभिमान से बचने और हर स्थानीय भाषा का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी विवाद के बीच हिंसा से बचने और संयम रखने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने तकनीकी नेतृत्व और आर्थिक मजबूती पर भी जोर देते हुए भारत को ‘विश्वगुरु’ बनने के लिए मजबूत और एकजुट होने को कहा।
विज्ञापन
राम माधव - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राम माधव ने बुधवार को विकास के लिए चुनौतियों से निपटने के लिए भाषा के अभिमान से बचने का सुझाव दिया। इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव ने कहा कि हर स्थानीय भाषा का सम्मान करने की जरूरत है, लेकिन इस भावुक मुद्दे पर हिंसा से बचना और उसे प्रोत्साहित न करना जरूरी है। माधव का यह बयान महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच आया है। 

विज्ञापन


माधव ने मुंबई के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई में अपनी किताब 'द न्यू वर्ल्ड' पर चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, हमे भाषा के अभिमान की ओर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि हमारे सामने विकास के लिए चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को हर राज्य की स्थानीय भाषा का सम्मान करना चाहिए। साथ ही किसी भी भाषा का विरोध नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर हिंदी या अंग्रेजी को जोड़ने वाली भाषाओं के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसका भी विरोध नहीं होना चाहिए। 

ये भी पढ़ें: आरएसएस प्रमुख ने की दिवंगत मोरोपंत पिंगले की सराहना, कहा- विनम्रता और दूरदर्शिता के थे प्रतीक

विज्ञापन

राम माधव - फोटो : पीटीआई
उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र एक औद्योगिकी और वित्तीय ताकत है और उसे भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। माधव ने कहा कि ऐसे भावुक मुद्दों में भी संयंम दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं, तो आपको मराठी का सम्मान करना होगा और इसे सीखने का प्रयास भी करना होगा। भाजपा ने स्पष्ट कहा, किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए और न ही उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 

राम माधव - फोटो : पीटीआई
इस बीच, जब उनसे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नोबेल पुरस्कार की मांग के बारे में पूछा गया, तो माधव ने कहा कि इस तरह के फैसले सही संस्थानों को ही करने चाहिए। उन्होंने कहा, अगर कोई खुद को भगवान घोषित कर लेता है तो हम कौन होते हैं टिप्पणी करने वाले?  

ये भी पढ़ें: नागपुर में भारी बारिश से 71 गांवों का संपर्क टूटा, एक युवक की मौत; एक अन्य बाढ़ से बहा

भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान - फोटो : पीटीआई
बिहार चुनावों और राज्य में जारी मतदाता सूची समीक्षा को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भाजपा और चुनाव आयोग पर टिप्पणियों के जवाब में माधव ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर हार के लिए भाजपा और चुनाव आयोग को दोष देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के निर्माण पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस जीतती है तो वह चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं उठाती।

भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान - फोटो : पीटीआई
माधव ने जोर देकर कहा कि भारतीय निजी क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अग्रणी तकनीकों में नेतृत्व करना होगा और अनुसंधान और विकास में भी मदद करनी होगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षमताएं कल के विजेताओं को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी, न कि सिर्फ वित्तीय संसाधनों से, जैसा पहले होता था। भाजपा नेता ने कहा, अगर हम आवश्यक क्षमताओं का विकास नहीं कर पाए तो हम टैरिफ और प्रतिबंधों जैसी कमजोरियों का सामना करेंगे।
विज्ञापन

भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान - फोटो : पीटीआई
उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर कुछ टैरिफ लगाने की कोशिश कर रहा है और वाणिज्य मंत्रालय इसके लिए बातचीत कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ बहुत जल्द व्यापार समझौता हो जाएगा। ‘विश्वगुरु’ बनने का खिताब हम खुद को न दें, बल्कि तब हासिल करें ,जब अन्य कंपनियां भारत को उच्च सम्मान के साथ देखें। भारत को सामाजिक रूप से मजबूत और एकजुट होना होगा, दस ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी अर्थव्यवस्था बननी होगी और आंतरिक व बाहरी सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से सुरक्षित देश बनना होगा, तभी वह खिताब मिल सकेगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें