उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र एक औद्योगिकी और वित्तीय ताकत है और उसे भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। माधव ने कहा कि ऐसे भावुक मुद्दों में भी संयंम दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं, तो आपको मराठी का सम्मान करना होगा और इसे सीखने का प्रयास भी करना होगा। भाजपा ने स्पष्ट कहा, किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए और न ही उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इस बीच, जब उनसे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नोबेल पुरस्कार की मांग के बारे में पूछा गया, तो माधव ने कहा कि इस तरह के फैसले सही संस्थानों को ही करने चाहिए। उन्होंने कहा, अगर कोई खुद को भगवान घोषित कर लेता है तो हम कौन होते हैं टिप्पणी करने वाले?
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भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान
- फोटो : पीटीआई
बिहार चुनावों और राज्य में जारी मतदाता सूची समीक्षा को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भाजपा और चुनाव आयोग पर टिप्पणियों के जवाब में माधव ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर हार के लिए भाजपा और चुनाव आयोग को दोष देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के निर्माण पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस जीतती है तो वह चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं उठाती।
भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान
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माधव ने जोर देकर कहा कि भारतीय निजी क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अग्रणी तकनीकों में नेतृत्व करना होगा और अनुसंधान और विकास में भी मदद करनी होगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षमताएं कल के विजेताओं को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी, न कि सिर्फ वित्तीय संसाधनों से, जैसा पहले होता था। भाजपा नेता ने कहा, अगर हम आवश्यक क्षमताओं का विकास नहीं कर पाए तो हम टैरिफ और प्रतिबंधों जैसी कमजोरियों का सामना करेंगे।
भाजपा नेता राम माधव और एनएसई के एमडी आशीष चौहान
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उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर कुछ टैरिफ लगाने की कोशिश कर रहा है और वाणिज्य मंत्रालय इसके लिए बातचीत कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ बहुत जल्द व्यापार समझौता हो जाएगा। ‘विश्वगुरु’ बनने का खिताब हम खुद को न दें, बल्कि तब हासिल करें ,जब अन्य कंपनियां भारत को उच्च सम्मान के साथ देखें। भारत को सामाजिक रूप से मजबूत और एकजुट होना होगा, दस ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी अर्थव्यवस्था बननी होगी और आंतरिक व बाहरी सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से सुरक्षित देश बनना होगा, तभी वह खिताब मिल सकेगा।