2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने अपनी राजनीतिक आशंकाओं को साफ कर दिया है। इसी बीच उन्होंने दिल्ली के 5 सफदरजंग लेन स्थित घर में गृहप्रवेश पूजा करवाई। यह कार्यक्रम ऐसे समय पर हुआ जब एक दिन पहले ही उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। नायडू ने सभी विपक्षी पार्टियों से भाजपा के खिलाफ बनने वाले मोर्चे में साथ आने के लिए कहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के सफदरजंग स्थित एचडी देवेगौड़ा के पास 1996 में प्रधानमंत्री बनने से पहले से है। इसे उनका परिवार सौभाग्यशाली मानता है। इस घर में रिनोवेशन के बाद ज्योतिषी की सलाह के बाद वास्तु में कुछ बदलाव करने के बाद गृहप्रवेश की पूजा करवाई। गुरुवार को नायडू के बुलाने पर गौड़ा के बेटे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि 2019 के चुनाव 1996 की तरह होंगे।
1996 में भी नायडू ने कांग्रेस के गठबंधन वाले नेतृत्व में पार्टियों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी। जिसकी वजह से वह प्रधानमंत्री बने थे। गौड़ा ने कहा, 'भगवान की कृपा से मेरी शारीरिक और मानसिक क्षमता कुशल हैं। यह प्रधानमंत्री बनने के लिए अकेली पात्रता नहीं है।' इससे यह साफ हो जाता है कि गौड़ा की इच्छाएं क्या हैं। इससे पहले 21 जून यानी योगा दिवस को उन्होंने दर्जनों कैमरों के सामने कई योगासन किए थे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुमारस्वामी को दिए फिटनेस चैलेंज का जवाब था। इसके जरिए उन्होंने यह संदेश भेजा था कि बढ़ती उम्र के बावजूद वह शारीरिक और मानसिक तौर पर पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
गौड़ा की पार्टी जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने कर्नाटक के उपचुनावों में भाजपा को बुरी तरह से हराया है। तीन विधानसभा और दो लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के गठबंधन को चार सीटों पर जीत मिली थी। वहीं भाजपा को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा था। जीत से उत्साहित जेडीएस 2019 के चुनावों में अहम भूमिका निभाने को लेकर आश्वस्त है। अंदरुनी लोगों का मानना है कि आने वाला समय गौड़ा के लिए शानदार है।
जेडीएस के अध्यक्ष एच विश्नाथ ने कहा, 'यह गदठबंधन राजनीति का दौर है और गौड़ा के पास योग्यता और अनुभव दोनों ही हैं। बेशक वह छोटे से कार्यकाल, 11 महीनों के लिए प्रधानमंत्री रहे थे लेकिन उसका मूल्यांकन सव्रश्रेष्ठ माना जाता है।' गौड़ा के अंदर यह विश्वास कांग्रेस के हालिया बयान की वजह से आया है। कांग्रेस ने कहा था कि पार्टी केवल तभी पीएम पद का उम्मीदवार उतारेगी जब उसे पर्याप्त सीटे नहीं मिलेंगी वर्ना वह अपनी सहयोगी पार्टी के किसी उम्मीदवार को पीएम बना देगी।