लेख में राम मंदिर के लिए रथ यात्रा का किया जिक्र
अपने लेख 'राम मंदिर निर्माण, एक दिव्य स्वप्न की पूर्ति' में आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 33 साल पहले निकाली गई 'रथ यात्रा' का जिक्र किया और कहा कि उनका मानना है कि अयोध्या आंदोलन सबसे निर्णायक और परिवर्तनकारी घटना थी। उनकी राजनीतिक यात्रा, जिसने उन्हें भारत को फिर से खोजने और इस प्रक्रिया में, खुद को फिर से समझने की अनुमति दी।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को याद किया
राम मंदिर आंदोलन में सबसे आगे रहे भाजपा के दिग्गज नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले उनकी गैरमौजूदगी महसूस कर रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पहुंचेंगे आडवाणी: वीएचपी
एक सूत्र के मुताबिक, लेख में आडवाणी ने कहा, "आज रथ यात्रा को 33 साल पूरे हो गए। 25 सितंबर 1990 की सुबह जब हमने रथ यात्रा शुरू की थी, तब हमें नहीं पता था कि भगवान राम के प्रति जिस आस्था के साथ हम यह यात्रा शुरू कर रहे हैं, वह देश में एक आंदोलन का रूप ले लेगी।" सूत्रों ने कहा कि आडवाणी ने जिक्र किया है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी रथ यात्रा के दौरान उनके साथ थे। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अनुसार, 96 वर्षीय आडवाणी 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करेंगे।
राम मंदिर निर्माण के लिए पीएम मोदी को दी बधाई
एक सूत्र ने पत्रिका के लिए आडवाणी के लेख का जिक्र करते हुए कहा, उन्होंने इस क्षण को साकार करने , भव्य राम लला मंदिर बनाने और अपने संकल्प को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। सूत्रों ने बताया कि आडवाणी के लेख के साथ पत्रिका के विशेष संस्करण की एक प्रति उन सभी लोगों के साथ साझा की जाएगी, जो अयोध्या में अभिषेक समारोह में शामिल होंगे।