मुंबई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को एक निजी अस्पताल में कंधे की सर्जरी करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह शहर के सरकारी जेजे अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं। देशमुख ने कंधे की हड्डी उखड़ने की सर्जरी और इलाज के लिए अस्थायी रूप से अपनी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित होने की अनुमति मांगी थी। राकांपा नेता ने कहा था कि वह अपना खर्च खुद उठाएंगे।
जेजे अस्पताल में ही इलाज कराने का आदेश
हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने याचिका का विरोध किया और कहा कि जे जे अस्पताल में सर्जरी करने के लिए योग्य डॉक्टर मौजूद हैं। अदालत ने देशमुख के आवेदन को खारिज कर दिया और कहा कि वह जे जे अस्पताल में सर्जरी और इलाज करवा सकते हैं। ईडी द्वारा पिछले साल नवंबर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद से देशमुख न्यायिक हिरासत में है।
देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज करने के बाद सामने आया था। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर जबरन वसूली के आरोप लगाए थे। इसके बाद ईडी ने दावा किया था कि देशमुख ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और मुंबई के विभिन्न बारों से 4.70 करोड़ रुपये एकत्र किए। यह पैसा नागपुर स्थित श्री साईं शिक्षण संस्थान को दिया गया था, जो देशमुख परिवार द्वारा नियंत्रित एक शैक्षिक ट्रस्ट है।