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Derogatory comments row: 'CT रवि भगवान के सामने लें शपथ', कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने दी चुनौती

Tue, 24 Dec 2024 09:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

कर्नाटक में भाजपा एमएलसी सीटी रवि की तरफ से मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर पर की गई टिप्पणी का मामला बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। इस मामले में अब मंत्री ने भाजपा नेता को भगवान के सामने शपथ लेने की चुनौती दी है। सीटी रवि ने मंत्री हेब्बलकर के आरोपों को गलत बताते हुए उनका खंडन किया है।
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सीटी रवि के मामले में भाजपा ने गवर्नर को लिखा पत्र - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर, जिन्होंने भाजपा एमएलसी सीटी रवि पर विधान परिषद में उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है, ने मंगलवार को भाजपा नेता को चुनौती दी कि वह धर्मस्थल में आएं और देवता की उपस्थिति में सत्य बोलने का प्रमाण लें। बता दें कि, सीटी रवि ने मंत्री हेब्बलकर के आरोपों को गलत बताते हुए उनका खंडन किया है। इस मामले में हेब्बालकर ने कहा, मुझे भगवान पर श्रद्धा और विश्वास है। उन्होंने (रवि) कई बार कहा है कि उन्होंने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। कानून को एक तरफ रखिए, कानून अपना काम करेगा। यह कोई चुनौती नहीं है, मैं उनके जैसे व्यक्ति से जवाब की उम्मीद भी नहीं करता... वह लोगों, अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
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'परिवार के साथ आएं भगवान मंजूनाथ के धर्मस्थल'
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा, 'सीटी रवि, आप भगवान में विश्वास करते हैं, धर्मस्थल आपके गृहनगर के बहुत करीब है, पूरे राज्य में लोग मानते हैं कि धर्मस्थल और भगवान मंजूनाथ धर्म का दूसरा नाम हैं, भगवान मंजूनाथ पर एक प्रमाण (शपथ लें) दें और सच बोलें। आप अपनी पत्नी के साथ वहां आएं, मैं अपने परिवार के साथ आऊंगी। आपने नैतिकता का सवाल उठाया है, अगर आपमें नैतिकता है तो वहां आएं।'

सीटी रवि पर क्या लगा है आरोप?
भाजपा नेता ने कथित तौर पर 19 दिसंबर को विधान परिषद में हेब्बालकर के खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था, जब सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था। हेब्बालकर की शिकायत के बाद उन्हें उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया और बेलगावी में सुवर्ण विधान सौधा के परिसर से पुलिस वैन में ले जाया गया। 
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने दिया था ये आदेश
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 20 दिसंबर को अपने अंतरिम आदेश में रवि की तत्काल रिहाई का आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने में प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। हालांकि, पीठ ने रवि को जांच में सहयोग करने और पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया। दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रवती नदी के तट पर स्थित धर्मस्थल का इतिहास 800 साल पुराना है। यहां की किंवदंतियों के अनुसार, जो कोई भी भगवान मंजूनाथ के सामने झूठ बोलता है, उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
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भाजपा ने कर्नाटक के राज्यपाल को लिखा पत्र
वहीं भाजपा ने कर्नाटक के राज्यपाल को पत्र लिखकर पार्टी एमएलसी सीटी रवि की गिरफ्तारी की जांच के लिए तथ्य-खोज समिति के गठन की मांग की।
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