साथ ही उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और सूचना सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की तरफ से दी जा रही मानवीय सहायता पर भी जोर दिया।
भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी ने उज्बेकिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री व्लादिमीर नोरोव से भी मुलाकात की और सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। व्लादिमीर नोरोव ने मिश्री के साथ वार्ता को बहुत उपयोगी बताया।
उज्बेकिस्तान में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी ने ताशकंद में एससीओ एनएसए (NSA) की बैठक में भाग लिया। यहां उन्होंने आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने और सूचना सुरक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया।
नोरोव ने ट्वीट किया कि हमने उज्बेक-भारतीय एजेंडे पर मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा की, साथ ही बहुपक्षीय संरचनाओं के ढांचे को लेकर भी काफी चर्चा हुई। वहीं पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ताशकंद में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में भाग लिया था।
एससीओ उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के प्रतिकार के रूप में देखा जाता है, एक प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा खंड है और सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है। 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके स्थायी सदस्य बने।
एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा एक शिखर सम्मेलन में की गई थी।
भारत ने एससीओ और इसके क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे (आरएटीएस) के साथ अपने सुरक्षा संबंधी सहयोग को गहरा करने में बड़ी दिलचस्पी दिखाई है, जो विशेष रूप से सुरक्षा और रक्षा से संबंधित मुद्दों से संबंधित है।