विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2000 से 2019 के बीच डेंगू के मामलों में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मामले पांच लाख से बढ़कर 52 लाख पहुंच गए। दुनियाभर में डेंगू के बढ़ते मामलों के लिए अलनीनो प्रभाव और जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में हो रही वृद्धि तथा बारिश के पैटर्न में हो रहा बदलाव जिम्मेदार है। शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, असल आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि अधिकतर मामलों में संक्रमण के लक्षण सामने ही नहीं आते। कई देशों में डेंगू से जुड़े आंकड़ों को बीमारी के रूप में दर्ज ही नहीं किया जाता।
2020 से 2022 के बीच महामारी के दौरान इसके मामलों में कमी जरूर आई, लेकिन उसके बाद इसमें तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले 2019 में जब मामलों में आखिरी बार उछाल आया था तब यह बीमारी 129 देशों में दर्ज की गई थी। 2023 में 80 देशों में डेंगू के 50 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। साथ ही पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
अछूते देश भी चपेट में
डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया कि वैश्विक स्तर पर 2023 में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई और ऐसा उन देशों में भी हुआ है जो पहले इससे अछूते थे। वर्तमान में यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक बनता जा रहा है। जिन देशों में जलवायु परिवर्तन का असर ज्यादा है वहां यह तेजी से फैल रहा है।
400 करोड़ लोग खतरे की जद में
डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में करीब 400 करोड़ लोग डेंगू के खतरे की जद में हैं। हालांकि, अधिकतर संक्रमितों में इसके लक्षण नजर नहीं आते और वे एक से दो सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं। 2023 के दौरान इसके मामलों में जो उछाल आया है उसके लिए इसके वैक्टरों के बदलते वितरण जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी और एडीज अल्बोपिक्टस के लिए माहौल अनुकूल होता जा रहा है। इनके संबंध बढ़ते तापमान के साथ जलवायु घटना अलनीनो की वजह से बारिश के पैटर्न में आ रहे बदलावों से जुड़े हैं।
अमेरिकी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित
2023 में अमेरिकी क्षेत्र डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। एक जनवरी से 11 दिसंबर के बीच इस क्षेत्र के 42 देशों में डेंगू के कुल 41 लाख संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें 6,710 गंभीर मामले थे, जिनमें से 2,049 लोगों की मौत तक हो गई। पूर्व भूमध्यसागरीय क्षेत्र में सबसे पहले 1998 में डेंगू के मामले सामने आए थे। तब से यह वायरस नौ देशों में फैल चुका है। इस क्षेत्र में 2023 के दौरान पाकिस्तान, सऊदी अरब और ओमान में सबसे ज्यादा मामलों की पुष्टि हुई है।