नोटबंदी के बाद देश के आर्थिक बाजार में आई अस्थायी सुस्ती से परेशान कंपनियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे चोटी की तकनीकी शिक्षा देने वाले संस्थानों से फिलहाल प्लेसमेंट में हिस्सा नहीं लेने की सूचना देना शुरू कर दिया है। साथ ही इन कंपनियों ने यह भी कहा है कि उन्हें इसके लिए ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाए क्योंकि अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल की वजह से अभी नई भर्ती पर अस्थायी रोक लगाई गई है। जैसे ही स्थिति ठीक होगी, फिर से प्लेसमेंट चालू हो जाएगा।
एक मशहूर आईआईटी के प्लेसमेंट सेल में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कई मशहूर कंपनियों की तरफ से इस आशय का पत्र मिला है कि उन्हें ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाए। उन्होंने अपनी मजबूरी जताते हुए लिखा है कि इस समय पूरे देश में नोटबंदी की वजह से स्थिति सामान्य नहीं है। इसलिए स्टार्टअप ही नहीं बल्कि जमी जमाई कंपनियों की भी हालत खराब है। इसलिए नई भर्ती पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। जैसे ही स्थिति ठीक होगी, एक बार फिर से प्लेसमेंट के जरिये भर्ती चालू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि दिसंबर की पहली तारीख से कई आईआईटी में प्लेसमेंट शुरू हो रहा है।
आईआईटी खड़गपुर कर चुका है 8 स्टार्टअप को ब्लैकलिस्ट
यह भी गौरतलब है कि आईआईटी खड़गपुर ने इसी महीने की शुरूआत में कैंपस प्लेसमेंट के लिए 8 स्टार्टअप को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। ब्लैकलिस्ट करने की वजह पिछले साल प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान चुने गए आईआईटी के छात्रों से जॉब ऑफर वापस लेना था। आईआईटी के हवाले से मीडिया में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल के प्लेसमेंट के दौरान छात्रों को दिए जाने वाले जॉब ऑफर को इन कंपनियों ने कैंसिल कर दिया था।
इसी वजह से इस साल इन कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट में शामिल होने से रोक दिया गया है। संस्थान का कहना है कि छात्रों से जॉब ऑफर वापस लेने पर न केवल छात्रों को नुकसान हुआ है, बल्कि इससे संस्थान की सार्वजनिक और मार्केट छवि को भी नुकसान पहुंचा है। इस साल देश के कई आईआईटी ने 30 से भी ज्यादा स्टार्टअप कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट के लिए ब्लैकलिस्ट किया है।