अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के ठीक एक दिन पहले पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दिया है।जाफराबाद के अलावा पूर्वी दिल्ली के ही खुरेंजी और चांदबाग में भी प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर धरना देना शुरु कर दिया है। इसे राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे के बीच नागरिकता के मुद्दे को जोरशोर से उठाने की सोची-समझी रणनीति के रुप में देखा जा रहा है।
जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे सीलमपुर से गोकलपुरी जाने वाले रास्ते पर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने धरना देकर प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जाफराबाद से लगभग छ: किलोमीटर की दूरी पर पूर्वी दिल्ली के ही खुरेंजी और लगभग पांच किलोमीटर दूर चांदबाग में भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर बैठ गए हैं।
इससे आवागमन में भारी समस्या पैदा हो गई है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के एक तरफ ही धरना दिया है जिससे सड़कों के दूसरे रास्ते से आवागमन धीरे-धीरे चल रहा है। प्रदर्शनकारियों में शामिल युवा दूसरे रास्तों से आवागमन को आसान बनाने के लिए स्वयं सेवक की भूमिका में आ गए हैं और पारी-पारी से ट्रैफिक को रास्ता दिखाने का काम कर रहे हैं।
इस तरह के प्रदर्शन की जरुरत क्यों
जाफराबाद में भी शाहीन बाग की तरह शुरुआत में ही प्रदर्शन शुरु हो गए थे। इसके लिए सड़क के एक किनारे टेंट लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन रास्ता नहीं रोका गया था। फिर अचानक रास्ता रोकने की रणनीति क्यों अपनाई गई? इस सवाल पर जाफराबाद में प्रदर्शन के आयोजक अनस ने कहा कि धरने पर बैठे दो महीने से भी अधिक का समय गुजर रहा है लेकिन सरकार उनसे इस मुद्दे पर कोई बातचीत करने सामने नहीं आई है। यह बेहद तकलीफदेह है। इसलिए अपनी बात को मंजूर कराने के लिए उन्हें अचानक सड़कों पर उतरना पड़ा।
खुरेंजी के प्रदर्शनकारी ने कहा
पूर्वी दिल्ली के खुरेंजी में प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी कोशिश भारत बंद के समर्थन में आज एक मार्च निकालने की थी। वे चंद्रशेखर रावण को अपना समर्थन देना चाहते थे, लेकिन अचानक ही महिलाएं सड़कों पर बैठ गईं और मुद्दे की दिशा बदल गई। उन्होंने कहा कि अब यह बंद तब तक चलता रहेगा जब तक कि सरकार नागरिकता संशोधन कानून को वापस नहीं ले लेती।
सुरक्षा बल तैनात
प्रदर्शनकारियों के अचानक आधी रात सड़कों पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। दिल्ली पुलिस ने तुरंत जी सीलमपुर से गोकलपुरी जाने वाले रास्ते पर बैरीकेडिंग लगा दिया। जल्दी ही आरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर किसी अनहोनी को रोकने की कोशिश की गई। इस समय भी सभी धरना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।