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जिसके आंसुओं को राहुल ने बताया हुकूमत के लिए खतरा, बीजेपी ने उसे अपना कहा

Wed, 08 Nov 2017 02:48 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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नंद लाल - फोटो : राहुल गांधी
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रोते हुए आदमी की जिस फोटो को शेयर कर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था उसको भाजपा ने मोदी समर्थक बताया है। दरअसल, नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर राहुल गांधी ने एक रोते हुए शख्स की तस्वीर शेयर की थी जो कि नोटबंदी के वक्त काफी वायरल हुई थी। उस तस्वीर के साथ राहुल ने लिखा था कि एक आंसू भी हुकूमत के लिए खतरा है,  तुमने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना।
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नोटबंदी: एक साल पूरा होने पर पीएम मोदी ने गिनवाए फायदे, शेयर किया वीडियो

अब इसपर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने नोटबंदी का विरोध करने के लिए नंद लाल की तस्वीर पोस्ट की। नंद लाल का वह बयान रिकॉर्ड है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह मोदी जी को सपोर्ट करते हैं।

नंद लाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि नोटबंदी से नुकसान नहीं फायदा हुआ क्योंकि पहले उग्रवादियों ने आतंक मचा रखा था।
  WATCH: Nand Lal (ex-Serviceman clicked in iconic #demonetization pic) praises the Government (NOTE: Strong Language) pic.twitter.com/ik4vaHYNvF — ANI (@ANI) November 8, 2017
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  "एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है
तुमने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना" pic.twitter.com/r9NuCkmO6t — Office of RG (@OfficeOfRG) November 8, 2017 Rahul Gandhi has tweeted against #Demonetisation by using Nand Lal but Nand Lal has stated on record that he supports Modi Ji: Ravi Shankar Prasad on iconic photo of ex-serviceman crying in #Demonitisation queue pic.twitter.com/bk6XG889xl — ANI (@ANI) November 8, 2017
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कौन हैं नंदलाल?

नंद लाल
दरअसल, नोटबंदी के दौरान कैश के लिए बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। ऐसे में नंद लाल जो कि पहले सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं वह भी बैंक पहुंचे थे। तब बैंक में खड़े होकर रोते हुए उनकी तस्वीर चर्चा का विषय बन गई थी। अब मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रवादी हैं और सरकार के हर कदम का समर्थन करते हैं।

79 साल के नंदलाल गुरुग्राम में किराए के घर पर रहते हैं। आजादी के बाद पाकिस्तान बना तब से नंदलाल वहीं रह रहे हैं। उन्होंने 1971 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई में हिस्सा लिया था। पहले उनका अपना घर था जिसे उन्होंने 15 साल पहले अपनी बेटी की शादी के वक्त बेच गिया था। अब बेटी उनसे साथ रहने के लिए भी कहती है लेकिन वह अपना घर छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते। नंदलाल अब खुश हैं, उन्हें वक्त पर बैंक से पैसा मिल जाता है जिससे वह अपने जरूरी काम निपटा लेते हैं। ​
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