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नोटबंदी: 30 दिसंबर के बाद भी खुली है PM की ब्लैकमनी स्कीम

Wed, 28 Dec 2016 05:19 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइलः नरेंद्र मोदी
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30 दिसंबर में अब सिर्फ कुछ ही समय बचा है और लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्लैकमनी स्कीम का क्या होगा, ये कैसे काम करेगी। यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है कि इस तारीख के बाद अमान्य 1000 और 500 रुपये के नोट बैंक में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम 2016

1. मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम 2016 अगले साल 31 मार्च 2017 तक खुली है। यानी मौजूदा वित्त वर्ष तक इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। 

2. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी स्कीम विज्ञापन के तहत टैक्स, पेनाल्टी, सेस, सरचार्ज और डिपॉजिट केवल पुराने अमान्य 1000 और 500 रुपये के नोटों में ही 30 दिसंबर तक हो सकता है। 
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3. हालांकि अगर कोई व्यक्ति 31 दिसंबर के खिलाफ अघोषित आय की घोषणा करना चाहता है तो उसके साथ क्या होगा? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का विज्ञापन इस सवाल का जवाब नहीं देता। 

4. इस स्कीम के तहत, अघोषित आय की आय की घोषणा करने वाले व्यक्ति को पूरा टैक्स, सरचार्ज और पेनाल्टी मिलाकर राशि का 49.90 प्रतिशत देना होगा। इसके अतिरिक्त अघोषित आय का 25 प्रतिशत अगले चार सालों तक बिना ब्याज के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम 2016 में जमा करना होगा।
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31 दिसंबर के बाद तारीख बढ़ी, तो ईमानदार लोगों के साथ धोखा!

RBI
5. ये स्पष्ट है कि घोषित की गई ब्लैकमनी पुराने नोटों में होनी चाहिए, लेकिन सवाल ये है कि एक व्यक्ति अपनी अघोषित आय पर 25 प्रतिशत पेनाल्टी या डिपॉजिट 31 दिसंबर या आने वाले 31 मार्च 2017 तक कैसे जमा करेगा? क्या सरकार अघोषित आय की घोषणा को लेकर पुराने नोटों को जमा करने की तारीख बढ़ाने जा रही है। 

6. अगर सरकार ब्लैकमनी जमा करने वाले लोगों को पुराने नोट जमा करने के लिए 30 दिसंबर के बाद तारीख बढ़ाती है, तो यह ईमानदार करदाताओं के ऊपर काला धन रखने वालों को वरीयता देना होगा, क्योंकि ईमानदार करदाताओं को पुराने नोट जमा करने की समय सीमा केवल 30 दिसंबर तक दी गई।

7. हालांकि 30 दिसंबर के बाद पुराने नोटों को जमा करने के लिए आरबीआई की ओर से विशेष अनुमति लेनी होगी।

8. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के मामले में सरकार ने व्यावहारिक रुख नहीं अपनाया है, ताकि नए साल में ब्लैकमनी की घोषणा की जा सके। ब्लैकमनी स्कीम घोषणाकर्ताओं को पूरी गोपनीयता प्रदान करती है। साथ ही कई सारे कानूनों के तहत कानूनी प्रक्रियाओं से भी बचाव करती है। 
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