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RBI गवर्नर के जवाब से असंतुष्ट होने पर PM को समन कर सकती है लोक लेखा समिति

Mon, 09 Jan 2017 05:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समन भेज सकती है। समिति ने 20 जनवरी को एक बैठक बुलाई है, जिसमें रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को हाजिर होने के लिए कहा गया है। आर्थिक मामलों के सचिव और रिजर्व बैंक के गवर्नर को समिति ने एक विस्तृत प्रश्नावली भी दी है। इसमें नोटबंदी के फैसले को लेकर सवाल किए गए हैं, जिनके जवाब रिजर्व बैंक के गवर्नर को देने हैं।
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लोक लेखा समिति के चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता केवी थॉमस ने कहा है कि अभी तक नोटबंदी पर पूछे गए सवालों के उत्तर सरकार और रिजर्व बैंक के गवर्नर से नहीं मिले हैं। उन्हें 20 जनवरी से पहले सवालों के जवाब देने के लिए कहा गया है। जवाब मिलने पर इस बारे में विस्तार से चर्चा होगी।  

थॉमस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि नोटबंदी लागू कराने में जो भी लोग शामिल रहे, जरूरत समझने पर उनसे पूछताछ की जा सकती है, फिर चाहें पीएम मोदी ही क्यों न हों। लेकिन जो भी होगा, वह 20 जनवरी की बैठक के बाद तय होगा। अगर समिति के सदस्य सर्वसम्मति यह फैसला लेते हैं कि पीएम मोदी से भी सवाल-जवाब किए जाएं, तो ऐसा किया जाएगा।
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RBI गवर्नर से पूछा- क्यों न आपको पद के दुरुपयोग के लिए हटा दिया जाए?

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल - फोटो : file photo
पीएमसी के मुताबिक रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल पूछा गया है कि क्यों न उन्हें पद के दुरुपयोग के आरोप में हटा दिया जाए?

कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुवाई वाली समिति ने उर्जित पटले से नोटबंदी के मुद्दे पर 10 सवालों के जवाब मांगे हैं। इसके साथ ही नोटबंदी का फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रेगुलेशन में पिछले दो महीने में आए बदलाव पर से जानकारी मांगी गई है।

पीएसी ने मांग की है कि कितनी नकदी पर बैन लगा था और उसमें से कितनी बैंकिंग व्‍यवस्‍था में लौट आई है। 
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रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल से पूछे गए 10 सवाल

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल - फोटो : file photo
1. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन की कार्यवाही के दौरान कहा है कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई और उसके बोर्ड द्वारा लिया गया था। सरकार ने सिर्फ सलाह पर कार्रवाई की। क्‍या आप सहमत हैं?

2. यदि नोटबंदी का फैसला आरबीआई का ही था, तो आखिर कब आरबीआई ने तय किया कि यह फैसला भारत के हित में सर्वश्रेष्ठ हैं?

3. रातोंरात 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने के पीछे आरबीआई ने क्‍या कारण पाए?

4. आरबीआई के मुताबिक भारत में सिर्फ 500 करोड़ रुपए की नकली/जाली करेंसी है। जीडीपी के मुकाबले भारत में कैश 12 फीसदी था जो कि जापान (18%) और स्विट्जरलैंड (13%) से कम है। कुल नकदी में 500-1000 रुपए के नोटों का हिस्‍सा 86% था, लेकिन चीन में 90% और अमेरिका में 81% है। तो, अचानक ऐसी क्‍या जरूरत आ पड़ी थी कि आरबीआई को विमुद्रीकरण का फैसला लेना पड़ा?

5. 8 नवंबर को होने वाली नोटबंदी पर आपातकालीन बैठक के लिए आरबीआई बोर्ड सदस्‍यों को कब नोटिस भेजा गया था? उनमें से कौन इस बैठक में आया? कितनी देर यह बैठक चली? बैठक का ब्‍योरा कहां है?

6. नोटबंदी की सिफारिश में कैबिनेट को भेजे गए नोट में, क्‍या आरबीआई ने था कि फैसले का मतलब देश की 86 प्रतिशत नकदी को अवैध करना होगा? आरबीआई उतनी ही नकदी कब तक व्‍यवस्‍था में लौट सकेगी?

7. किस कानून और आरबीआई को मिली शक्तियों के तहत लोगों पर अपनी ही नकदी निकालने पर सीमा तय की गई? देश में करेंसी नोटों की सीमा तय करने की ताकत आरबीआई को किसने दी? ऐसा कोई नियम आप न बता सकें, तो क्‍यों न आप पर मुकदमा चलाया जाए और शक्‍त‍ियों का दुरुपयोग करने के लिए पद से हटा दिया जाए?

8. दो महीनों से आरबीआई के रेगुलेशंस में बार-बार बदलाव क्‍यों हुए? कृपया हमें उस आरबीआई अधिकारी का नाम बताएं जिसे निकासी के लिए लोगों पर स्‍याही लगाने का विचार आया? शादी से जुड़ी निकासी वाली अधिसूचना किसने तैयार की थी? यह सब आरबीआई ने नहीं, सरकार ने किया था तो क्‍या अब आरबीआई वित्‍त मंत्रालय का एक विभाग है?

9. कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है? नोटबंदी की सलाह देते समय कितने नोटों के वापस लौटने की संभावना थी?

10. आरबीआई ने आरटीआई के तहत जानकारी देने से मना क्‍यों किया है, वह भी निजी चोट का डर जैसा कारण बताकर? आरटीआई के तहत मांगी जाने वाली जानकारी देने को आरबीआई क्‍यों नहीं दे रहा?
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