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नोटबंदी: 14 लाख करोड़ के पुराने नोट जमा, 75 हजार करोड़ बाहर

Mon, 09 Jan 2017 04:00 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोटों को अमान्य करार देने के बाद बैकों में अब तक 14 लाख करोड़ के पुराने नोट वापस आ चुके हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब बस 75,000 हजार करोड़ रुपए ही पुराने नोट के रुप में बाहर हैं।
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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने 8 नवंबर को जब नोटबंदी का फैसला लिया था तो उसे उम्मीद थी कि पुराने नोट के रुप में मौजूद कुल रकम का 20 प्रतिशत हिस्सा मतलब करीब 3 लाख करोड़ रुपये बैंको में वापस नहीं आएंगें। लेकिन अबतक पुराने नोट के रुप में मौजूद कुल रकम का 97 प्रतिशत, लगभग 14 लाख करोड़ रुपया बैंको में वापस आ चुका है।

अधिकारी ने बताया कि, नोटबंदी के बाद अब तक 10 लाख करोड़ रुपये के नए नोट बैंको को आरबीआई से भेजा जा चुका है। नोटबंदी के बाद नकदी कि किल्लत से लोगं को हो रही समस्या को जल्द दूर करने के लिए सरकार ने आरबीआई से पूछा कि, क्या वह अपने भंडार से 75 हजार करोड़ रुपये बैंको को जारी कर सकता है।
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आरबीआई ने क्यों नहीं जारी किए 75 हजार करोड़ के नए नोट?

हालांकि आरबीआई ने यह कह सरकार का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया कि अगले 15 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। आरबीआई ने सरकार को बताया कि 2 से 2.5 लाख करोड़ के अतिरिक्त नए नोट इस वक्त छापा जा रहा है और वद जल्द ही बैंको तक पहुंच जाएगी।

नोटबंदी के पहले देश में 17.50 लाख करोड़ नकदी के रुप में थे, जिनमें 15.50 लाख करोड़ रुपए 500 और 1000 के नोटों की संख्या था, जेकि कुल प्रचलित रकम का 88 प्रतिशत था। फलहाल इस वक्त बैंको के पास 14.50 लाख करोड़ के पुराने नोट हैं। आरबीआई ने इन नोटों की गिनती शुरू कर दी है ताकि जाली नोटों का पता लगाया जा सके।

सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरबीआई के पास जाली नोट का पता लगाने के लिए 60 बड़ी मशीनें हैं। अधिकारी ने कहा कि अगर यह सभी मशीनें, दिन में 12 घंटें भी काम करें तब भी इस काम में 600 दिन लगेंगे। ऐसे में आरबीआई इसमें बैंकों को भी शामिल करने पर सोचा जा रहा है ताकि काम जल्दी खत्म हो जाए।
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