वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि नोटबंदी की वजह से देश के कई हिस्सों में सक्रिय माओवादी और कश्मीर के अलगाववादियों को फंड का टोटा पड़ गया है। उन्होंने कहा इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी करने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या घट गई है।
जेटली ने कहा नोटबंदी से पहले उग्रवाद से प्रभावित घाटी में प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों पत्थरबाज सड़कों पर उतर आते थे लेकिन नोटबंदी के बाद अब 25 पत्थरबाज भी नहीं जुटते हैं। जम्मू-कश्मीर के अलावा छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में भी माओवादियों को भी फंड की कमी झेलनी पड़ रही है।
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मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान जेटली ने नोटबंदी के फायदों के बारे में कहा कि इसकी वजह से पहले जो पैसा इकोनॉमी के बाहर सर्कुलेट हो रहा था, वह औपचारिक तौर पर बैंकिंग सिस्टम का हिस्सा बन गया।
जेटली ने भाजपा के न्यू इंडिया बनाने का नारा दोहराते हुए कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी, नोटबंदी, दिवालिया कानून लाने, बेनामी लेनदेन से जुड़े कानून में संशोधन, स्पेक्ट्रम की पारदर्शी नीलामी और दोहरे कराधान से बचाव जैसे कदम उठा कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।