राजनीतिक दलों के अंदर लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने पर जोर देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने देश की मीडिया और प्रबुद्ध वर्ग से भी आह्वान किया कि वे दलों के लोकतंत्र का अध्ययन कर इस मुद्दे पर व्यापक प्रकाश डालें।
शनिवार को मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित दिवाली मिलन समारोह में पीएम ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी लगता है कि देश के राजनीतिक दलों में लोकतंत्र नहीं है। राजनीतिक दलों की संरचनाएं और उनकी निर्णय प्रकिया से देश अब भी परिचित नहीं है।
मीडिया से पीएम मोदी का आह्वान
पीएम मोदी ने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे राजनीतिक दलों की व्यवस्था पर लिखें। दल की रचना, दल कैसे पनपते हैं, नए लोगों को किस तरह अवसर दिए जाते हैं। लोकतांत्रिक मूल्य दलों की कोर वैल्यू का हिस्सा हैं या नहीं... ये व्यापक रूप से बहस के मुद्दे बनने चाहिए।
पीएम ने कहा कि भारत के लोकतंत्र में चीजों के नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे जाने की व्यवस्था है। दलों के फंडिंग पैटर्न पर चर्चा होती है, जिससे काफी कुछ बातें भी बाहर आती हैं, लेकिन संगठन की रचना, कार्य करने के तरीके, नई भर्तियां, वैल्यू और दलों की वैचारिकता के संबंध में भी चर्चा की विशेष जरूरत है।
दलों में भी कमियां होती हैं, वे कमियां किस वजह से हैं, इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। पीएम ने कहा कि राजनीतिक दल के तंत्र में आखिर वह क्या दोष या कमियां हैं, जिसकी वजह से नीचे से ऊपर तक एक समान वेबलेंथ नहीं होती, इस पर चर्चा होनी चाहिए।