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Railways: वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों के लिए ट्रेन में 50 प्रतिशत छूट बहाल करने की मांग; सांसदों ने की अपील

Thu, 01 Aug 2024 03:18 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विपक्ष के सांसदों ने वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों और छात्रों के लिए ट्रेन के किराए में रियायत देने की मांग की है। वहीं निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रेल दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए  ट्रेनों में सामान्य डिब्बों की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया।


 
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भारतीय रेल - फोटो : Istock
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विस्तार
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वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों के लिए ट्रेन किराए में 50 प्रतिशत छूट फिर से शुरू करने की मांग की गई है। संसद के सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि इस छूट को फिर से बहाल कर दें जो कि कोविड महामारी के दौरान बंद दी गई थी।

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लोकसभा में सांसद पप्पू यादव और एमडीएमके सांसद दुरई वाइको ने सरकार से वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों के लिए रियायतें फिर से शुरू करने का अनुरोध किया।  दुरई वाइको ने कहा कहा, "मैं माननीय मंत्री से वरिष्ठ नागरिकों और मीडिया के लिए ट्रेन टिकटों पर इस 50 प्रतिशत रियायत को बहाल करने का आग्रह करता हूं।" 

उन्होंने कहा कि हमको लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। वाइको ने सरकार से  2020 लॉकडाउन तक छात्रों को टिकट मे दी जाने वाली रियायत को भी बहाल करने की अपील की है। 
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पप्पू यादव ने ट्रेन हादसों पर चिंता जाहिर की
यादव ने हाल के दिनों में हुई रेल दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर की। साथ  सरकार से ट्रेनों की सुरक्षा में सुधार करने के लिए भी कहा। उन्होंने रेल मंत्री अश्वनी वैश्नव से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने और ट्रेनों में सामान्य डिब्बों की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि रेल मंत्री को  प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों के लिए 75 प्रतिशत रियायत के प्रावधान पर विचार करना चाहिए।  साथ ही थिएटर कलाकारों के लिए रियायतें भी फिर से शुरू की जानी चाहिए।

मंत्रालय के मुताबिक ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी आई
रेलवे को इस साल 2.52 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। रेलवे मंत्रालय के डेटा के अनुसार, ट्रेन दुर्घटनाओं में गिरावट आई है। 2000-01 तक 473 ट्रेन घटनाएं हुई थीं। इसके बाद 2014-15 में यह संख्या घटकर 135 हो गई और 2022 में यह संख्या घटकर 48 हो गई। रेल दुर्घटनाओं को देखते हुए कवज प्रणाली की स्थापना में बार-बार तेज गति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

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