प्राइवेट जेट- हेलीकॉप्टर (सांकेतिक तस्वीर)
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लोकसभा चुनाव को लेकर जहां एक तरफ राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी हो रही है। इस बीच, हेली कंपनियों चुनाव को लेकर खासा उत्साहित दिखाई दे रही है। कई विशेषज्ञों की मानें, आम चुनाव के दौरान प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर्स की मांग 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।
चुनाव में प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर्स की मांग बढ़ने की उम्मीद
फिक्स्ड विंग विमानों की तुलना में हेलीकॉप्टर्स की मांग अधिक होने का अनुमान है क्योंकि हेलीकॉप्टर कम समय में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच प्रदान करने में मदद करेंगे। क्लब वन एयर के सीईओ राजन मेहरा ने कहा कि निजी विमानों की मांग तेजी से बढ़ेगी। यह मांग चार्टर्ड विमानों और हेलीकॉप्टर्स की उपलब्धता से अधिक होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर्स सेवाओं का शुल्क प्रति घंटे के आधार पर लिया जाता है।
चार्टर्ड विमान के लिए 4.5 से 5.25 लाख रुपये प्रति घंटे किराया'
उद्योग विशेषज्ञों की राय है कि चार्टर्ड विमान के लिए कीमतें 4.5 लाख रुपये से 5.25 लाख रुपये प्रति घंटे के बीच हो सकती हैं। एक हेलीकॉप्टर के लिए प्रति घंटे का चार्ज करीब 1.5 लाख रुपये होगा। बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (बीएओए) के प्रबंध निदेशक कैप्टन आर के बाली ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान निजी चार्टर्ड विमानों और हेलीकॉप्टर्स की मांग पिछले चुनाव की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चला कि दिसंबर 2023 के अंत में 112 गैर-अनुसूचित ऑपरेटर (एनएसओपी) थे। आम तौर पर एनएसओपी ऐसी संस्थाएं होती हैं, जिनका कोई विशेष निर्धारित कार्यक्रम नहीं होता है और आवश्यकता पड़ने पर उड़ान भरती हैं। चूंकि मांग अधिक होगी, इसलिए खिलाड़ियों से चार्टर्ड परिचालन के लिए विमान पट्टे पर लेने की उम्मीद की जाती है। आर के बाली ने कहा कि लगभग 111-112 एनएसओपी हैं और उनमें से 40-50 प्रतिशत एकल विमान संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसओपी के पास हेलीकॉप्टर्स समेत लगभग 450 विमान होने का अनुमान है।