सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में सीबीआई जांच की मांग अब तेज होती जा रही है। बिहार सरकार द्वारा इसकी अनुशंसा किए जाने के बाद अब दिल्ली में उच्चतम न्यायालय में भी केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच करवाने की मांग की गई है। यहां मंगलवार को इससे जुड़ी दो जनहित याचिकायें दायर की गयी।
बिहार की नीतीश सरकार द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच के लिए मंगलवार को केंद्र से सिफारिश किए जाने के दौरान ही भाजपा नेता और अधिवक्ता अजय कुमार अग्रवाल और मुंबई निवासी कानून के छात्र द्विवेन्द्र देवतादीन द्विवेदी ने ये जनहित याचिकायें दायर की।
अजय अग्रवाल ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत और इस अभिनेता की असमय मृत्यु के कारकों की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। अग्रवाल लंबे समय से राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बोफोर्स तोप सौदा दलाली कांड को लेकर उच्चतम न्यायालय में सक्रिय हैं।
अग्रवाल ने याचिका में कहा है, ‘बॉलीवुड के उभरते सितारे सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मुंबई में अपने घर में मृत मिले थे। मुंबई पुलिस ने तत्काल ही इसे आत्महत्या का मामला घोषित कर दिया लेकिन ‘एम एस धोनी’ फिल्म में मुख्य किरदार की भूमिका निभाने वाले सुशांत के आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।’
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके अग्रवाल ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ सह जीवन व्यतीत करने वाली रिया चक्रवती द्वारा उसके बैंक खाते से कथित रूप से कुल 15 करोड़ रुपये निकाले जाने की खबरों का हवाला भी याचिका में दिया है।
कानून के छात्र द्विवेन्द्र ने भी सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह द्वारा पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी सीबीआई या एनआईए को सौंपने का अनुरोध किया है ताकि इस मामले की ‘निष्पक्ष, प्रभावी और तत्परता’ से जांच सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, इस मामले में यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच मुंबई पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने के लिये दायर एक जनहित याचिका उच्चतम न्यायालय ने 30 जुलाई को खारिज कर दी थी।