राजधानी दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत को गच्चा देकर मानसून अपने अंतिम पड़ाव बाड़मेर सामान्य से दो हफ्ते पहले पहुंच गया। आमतौर पर दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा को भिगोने के बाद मानसून 10 जुलाई तक बाड़मेर पहुंचता था। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्लीवासियों को अभी तपती गरमी का सामना पांच दिनों तक और करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक केरल में दो दिन की देरी से पहुंचने के बाद मानसून तेजी से देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ा। सामान्य से दस दिन पहले ही मानसून ने पूर्वी, मध्य और उत्तर पश्चिमी हिस्सों में दस्तक दे दी।
लेकिन उत्तर भारत तक पहुंचने में न सिर्फ देरी की बल्कि अपने मूल रास्ते से भी भटक गया और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में पहुंचने से पहले ही राजस्थान का रुख करते हुए अपने आखिरी पड़ावों में एक बाड़मेर पहुंचा।
वहीं दिल्ली, हरियाणा पंजाब के कुछ हिस्साें, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व राजस्थान में बंगाल की खाड़ी की ओर मानसून पहुंचता है। लेकिन अभी बंगाल की खाड़ी में ऐसी कोई गतिविधि नहीं नजर आ रही है जिससे पूरब की ओर से मानसून यहां पहुंचे। अब यह अगले पांच दिनों में दिल्ली व उसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
आमतौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंचता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में सक्रिय हो जाता है। पिछले साल 29 जून तक पूरे देश में मानसून सक्रिय हो गया था लेकिन इस बार इसके दिल्ली पहुंचने में ही अभी पांच दिन और लग सकते हैं। इस देरी के कारण अभी फिलहाल दिल्ली व उत्तर भारत के लोगों को गरमी और तपिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है।