अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से पहले इस बात का दावा किया था कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद वे जगह जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएगे और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। लगभग साल भर पहले राजधानी दिल्ली में 2.75 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके थे। इसे बढ़ाकर 4.15 लाख किया जाना था। दावा किया गया था कि राजधानी दिल्ली सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में पेरिस, वाशिंगटन डीसी और लंदन जैसे शहरों से भी आगे निकल चुकी है। लंदन के प्रति मील 1138 कैमरों की तुलना में दिल्ली में प्रति मील 1826 कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
दिल्ली सरकार के इस दावे की पोल खुद सरकार के एक मंत्री ने ही खोल दी थी। दिल्ली सरकार में शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिली विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया था कि उस समय तक राजधानी में केवल 1.33 लाख कैमरे लगाए गए थे। इस खुलासे के बाद दिल्ली सरकार की खासी किरकिरी हुई थी।
दावा किया गया था कि कैमरे लगने के बाद अपराधी महिलाओं के प्रति अपराध करने से बचेंगे क्योंकि उन्हें पकड़े जाने का डर रहेगा। लेकिन कंझावला कांड यह साबित करने के लिए काफी है कि सरकार के दावों के उलट अपराधी अब भी बेखौफ महिलाओं को निशाना बना रहे हैं।
इसी प्रकार दिल्ली की बसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाकर, मार्शल की नियुक्ति कर और पैनिक बटन लगा कर महिलाओं की डीटीसी बसों में सुरक्षा सुनिश्चित किया किए जाने का दावा किया गया था। लेकिन अब भी महिलाओं से हो रहे अपराध यह साबित करने के लिए काफी है कि यह प्रयास अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुए हैं।
महिला सुरक्षा में फेल रहे केजरीवाल
नगर निगम में भाजपा के नेता संदीप कपूर ने अमर उजाला को बताया कि अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहने के दौरान बार-बार यही दावा किया था कि यदि वे दिल्ली को संभाल रहे होते तो महिलाओं के साथ ये अपराध न होते। उन्होंने दावा किया था कि भारी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाकर महिलाओं की सुरक्षा की जायेगी। लेकिन इस समय भी महिलाओं के साथ हो रहे गम्भीर अपराध यह साबित करते हैं कि केजरीवाल महिला सुरक्षा के मामले में असफल साबित हुए हैं।
संदीप कपूर ने कहा कि केजरीवाल ने महिलाओं की सुरक्षा की बजाय उन्हें असुरक्षित बनाने का काम किया। दिल्ली सरकार ने हर गली-मोहल्ले में शराब की दुकानें खोलकर महिलाओं की सुरक्षा और मान मर्यादा के साथ बड़ा खिलवाड़ किया है। कंझावला कांड के सभी आरोपियों ने शराब पी रखी थी। बहुत सम्भावना है कि यह पूरा अपराध शराब के कारण ही हुआ हो। ऐसे में केजरीवाल की असलियत राजधानी की महिलाओं के सामने खुलकर आ गई है।
बीजेपी नेता ने कहा कि दिल्ली में कैमरों की संख्या पर खुद दिल्ली सरकार के ही मंत्री ने असलियत उजागर कर दी थी। दावे बहुत किये जा रहे हैं, लेकिन इतनी मात्रा में कैमरे नहीं लगवाए जा रहे हैं। सच्चाई ये भी है कि लगाए गए कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं, वे केवल दिखावटी साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि राजधानी में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में कमी नहीं आ रही है।