केंद्र सरकार ने मलयाली भाषा के दो समाचार चैनलों के प्रसारण पर शुक्रवार को लगाया गया 48 घंटे का प्रतिबंध हटा लिया है। दरअसल यह प्रतिबंध ऐसी खबरें कथित तौर पर प्रसारित करने के लिए लगाया गया था जो देश में सांप्रदायिक विद्वेष को बढ़ा सकती हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि एशियानेट न्यूज पर लगा प्रतिबंध देर रात डेढ़ बजे जबकि मीडिया वन पर लगी रोक को शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे हटा लिया गया। सूत्रों ने बताया कि दोनों चैनलों ने मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया था जिसके बाद रोक हटाई गई।
मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करती है: जावड़ेकर
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने मलयाली भाषा के दो समाचार चैनलों पर लगाया गया 48 घंटे का प्रतिबंध हटा लिया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करती है।
जावड़ेकर ने महाराष्ट्र के पुणे में संवाददाताओं से कहा कि वह इस मामले को देखेंगे और जरूरत पड़ने पर आदेश जारी करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस पूरे मुद्दे पर चिंता जाहिर की है।
यह प्रतिबंध शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे से शुरू हुआ था जिसे अगले 48 घंटों तक जारी रहना था। हालांकि सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए चैनलों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। पहले प्रथिबंध को लेकर सरकार ने लेकर आदेश जारी किया था। जिसमें हिंसा के दौरान इन चैनलों पर पूजास्थल पर हमले को प्रमुखता से दिखाने और एक समुदाय का पक्ष लेने का आरोप लगाए गए थे।
मीडिया वन न्यूज के खिलाफ जारी आदेश में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना था कि चैनल ने आरएसएस और दिल्ली पुलिस के कार्रवाई न करने को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिससे लगता है कि वह आरएसएस और दिल्ली पुलिस के आलोचक हैं और अपना ध्यान सीएए समर्थकों की बर्बरता पर केंद्रित किया।
सरकार ने केबल टीवी नेटवर्क (विनियम) अधिनियम, 1995 के कार्यक्रम संहिता के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए दो अलग-अलग आदेश शुक्रवार को जारी किए थे। मीडिया वन के मुख्य संपादक सीएल थॉमस ने इस फैसले को मीडिया की स्वतंत्रता पर सरकार का सबसे बड़ा अतिक्रमण बताया था।
मीडिया वन का स्वामित्व मध्यमम ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड के पास है, जो जमात-ए-इस्लामी द्वारा समर्थित है। वहीं एशियानेट का स्वामित्व अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के पास है। चंद्रशेखर के आरसी स्टॉक एंड सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, जुपिटर ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और मिन्स्क डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड है, जो संयुक्त रूप से जुपिटर कैपिटल के मालिक हैं। यही कंपनी एशियानेट न्यूज चलाने वाले एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड की मालिक है।
एशियानेट के समाचार संपादक एमजी राधाकृष्णन ने कहा था, 'हम इस समय प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते हैं। हम इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से विचार करेंगे और बाद में अपनी प्रतिक्रिया देंगे।' वहीं केंद्र के कदम की आलोचना करते हए माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने आरोप लगाया था कि यह मीडिया पर नियंत्रण करने का प्रयास है। कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने इसे प्रेस की आजादी के खिलाफ और असंवैधानिक कदम बताया था।