केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने दिल्ली हिंसा पर कहा है कि पिछले सप्ताह के दौरान हमने दिल्ली में हिंसा देखी। दुर्भाग्य से कई निर्दोष लोगों ने अपनी जान और संपत्ति खो दी, जिसमें एक बहादुर कांस्टेबल भी शामिल था। राजनीतिक दलों, सोशल मीडिया और मीडिया के एक वर्ग द्वारा फैलाई गई अफवाहों ने आग में घी का काम किया।
किशन रेड्डी ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने साजिश का खुलासा करने के लिए सच्चाई की तह तक जाने की ठानी है। मैं फिर से कहूंगा नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) किसी भारतीय की नागरिकता नहीं छीनता है, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देता है।
इससे पहले किशन रेड्डी ने दिल्ली हिंसा पर कहा था कि ट्रंप के दौरे के समय हिंसा होना बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। गृह मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी और सीएए विरोधियों को इस पर जवाब देना चाहिए।
हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण
वहीं उत्तरपूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल नियमित रूप से स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उत्तरपूर्वी जिले के सभी इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं। हम लोग स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे हैं और उनमें आत्मविश्वास पैदा का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में जिले में किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है। पुलिस वहां निवासियों से सोशल मीडिया पर आने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और इस बारे में अधिकारियों को सूचित करने का अनुरोध कर रही है।पुलिस ने व्यापक संपर्क कार्यक्रम शुरू किया है और लोगों में आत्मविश्वास भरने के लिए वरिष्ठ अधिकारी हर समुदाय के लोगों से मिलकर उनसे बातचीत कर रहे हैं।
उत्तरपूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार में हिंसा में 42 लोगों की मौत हुई है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। उपद्रवियों की भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पंप को आग लगा दी और स्थानीय लोगों एवं पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।