केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का बचाव करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथ लिया। उन्होंने सवाल किया कि उन्होंने आखिर एक ‘भ्रष्ट व्यक्ति’ को क्लीनचिट कैसे दे दी। साथ ही केजरीवाल पर भी कई सवाल खड़े किए।
केजरीवाल ने मंगलवार को जैन को कट्टर ईमानदार और देशभक्त करार देते हुए बचाव किया था और कहा था कि उन पर लगे आरोप गलत हैं। ईरानी ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार देश से गद्दारी के समान है। उन्होंने पूछा कि ऐसे में फिर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल एक ‘गद्दार’ का बचाव क्यों रहे हैं जिसने सरकारी खजाने और जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने एक न्यायाधीश की तरह भूमिका निभाई और उन्हें क्लीनचिट दे दी।
क्या जैन ने हवाला कारोबारियों की मदद से 16.39 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग नहीं की
उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल से कुछ सवाल पूछना चाहती हैं। उन्होंने आरोपी जैन और उनके परिजनों ने 2010-11 से 2015-16 के दौरान कोलकाता में हवाला कारोबारियों की मदद से 56 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर 16.39 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की या नहीं? साथ ही पूछा कि जैन ने 2016 में स्वघोषणा में वैभव जैन और अंकुश जैन के नाम आयकर खुलासा योजना के तहत अघोषित आय घोषित की या नहीं। उन्होंने फिर पूछा कि केजरीवालजी, क्या यह सत्य है कि आयकर के प्रधान आयुक्त ने पाया था कि 16.39 करोड़ रुपये की अघोषित आय न तो अंकुश जैन की थी और न ही वैभव जैन की बल्कि इस रकम के असली मालिक सत्येंद्र जैन हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के 21 अगस्त 2019 के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इसकी पुष्टि की थी कि सत्येंद्र जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग की।
जैन के पास दिल्ली में 200 बीघा जमीन
उन्होंने पूछा कि क्या सत्येंद्र जैन अपनी पत्नी के साथ शेयरहोल्डिंग के जरिये प्रयास इंफोसॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पैक्स प्राइवेट लिमिटेड और अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के असली लाभाकारी स्वामी हैं? क्या यह सही है कि इस काले धन के जरिये सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के कई इलाकों में 200 बीघा जमीन हासिल की।
सत्येंद्र को फायदा पहुंचाने को नियमित की गईं अनाधिकृत कॉलोनियां
केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली के सीएम से सवाल किया कि अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की असली वजह यह है कि जैन ने ज्यादातर निवेश अनाधिकृत कॉलोनियों के आसपास किया है और दिल्ली सरकार इन कॉलोनियों को नियमित कर उन्हें बड़ा रिटर्न उपलब्ध करा रही है? क्या केजरीवाल जानबूझकर जनता को धोखा देने वालों का समर्थन कर रहे हैं? आखिर वह कब तक देश का गद्दार का समर्थन करते रहेंगे?