दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हिंसा मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इसमें सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष, डीयू के प्रोफेसर तथा सामाजिक कार्यकर्ता अपूर्वानंद तथा डॉक्यूमेंट्री मेकर राहुल रॉय को दंगों का सह-साजिशकर्ता बताया है। आरोप पत्र में अपना नाम आने के बाद येचुरी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि यही मोदी और भाजपा का असली चेहरा है।
येचुरी ने ट्वीट कर कहा, 'दिल्ली पुलिस भाजपा की केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के नीचे काम करती है। उसकी ये अवैध और गैर-कानूनी हरकतें भाजपा के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के चरित्र को दर्शाती हैं। वो विपक्ष के सवालों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन से डरते हैं और सत्ता का दुरुपयोग कर हमें रोकना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'हमारा संविधान हमें न सिर्फ सीएए जैसे हर प्रकार के भेदभाव वाले कानूनों के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार देता है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी भी है। हम विपक्ष का काम जारी रखेंगे। भाजपा सरकार अपनी हरकतों से बाज आए। आपातकाल को हमने हराया था। इस आपातकाल से भी निपटेंगे।'
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मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सीपीएम नेता ने कहा, 'यह मोदी सरकार न सिर्फ संसद में सवालों से डरती है, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से घबराती है और आरटीआई का जवाब देने से- वो मोदी का निजी फंड हो या अपनी डिग्री दिखाने की बात। इस सरकार की सभी असंवैधानिक नीतियों और असंवैधानिक कदमों का विरोध जारी रहेगा।'
येचुरी ने पूछा कि जहरीले भाषण देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, '56 लोग दिल्ली की हिंसा में मारे गए। जहरीले भाषणों का वीडियो है, उन पर कार्यवाई क्यों नहीं हो रही है? क्योंकि सरकार ने आदेश दिया है कि विपक्ष को लपेटा जाए, किसी भी तरह से। यही है मोदी और भाजपा का असली चेहरा, चरित्र, चाल और चिंतन। विरोध तो होगा इसका।'
इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नामजद लोगों को एकजुट होने के लिए कहा। उन्होंने कहा, 'यह नृशंसता से भी बदतर है। मैं आरोप पत्र में नामजद लोगों के साथ पूरी तरह से एकजुटता प्रकट करता हूं। वे सत्ता में मौजूद धोखेबाजों से अधिक महान देशभक्त हैं।'
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'अगर सच बोलना अपराध है, अगर घृणा को उजागर करना अपराध है, अगर दंगाइयों का विरोध करना अपराध है, अगर सही का साथ देना अपराध है तो फिर हम सभी को आरोप-पत्र में नामजद कर जेल भेज दिया जाए।'