फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: 'दंगों से अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचना...', दिल्ली पुलिस ने की शरजील-उमर की जमानत याचिका रद्द करने की मांग

Thu, 30 Oct 2025 03:08 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Delhi Riots Case: दिल्ली पुलिस की तरफ से 2020 दिल्ली दंगों के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करने की मांग की गई है। इसे लेकर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। जिसमें दावा किया गया है कि दंगे को पूरे भारत में फैलाने की कोशिश की गई थी और इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचना था।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिका पर आपत्ति जताई। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में कहा है कि उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज किया जाना चाहिए, क्योंकि उपलब्ध सबूत यह साबित करते हैं कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे एक 'पहले से रची गई साजिश' का हिस्सा थे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - जयराम रमेश बोले: 'मनुस्मृति से प्रेरित सरकार की श्रम-रोजगार नीति, यह संविधान का अपमान'; बिहार सरकार पर कसा तंज

'ट्रंप के दौरे के समय ही हिंसा भड़काने की थी योजना'
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय ही हिंसा भड़काने की योजना बनाई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा जा सके और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को वैश्विक स्तर पर मुस्लिम विरोधी अभियान के रूप में पेश किया जा सके। हलफनामे के अनुसार, 'सीएए के मुद्दे को जानबूझकर एक 'उकसाने वाले कारण' के रूप में चुना गया, जिसे शांतिपूर्ण विरोध के नाम पर छिपाया गया था।'
विज्ञापन


'यह एक गहरी, सुनियोजित और सोची-समझी साजिश थी'
दिल्ली पुलिस ने आगे कहा कि यह एक गहरी, सुनियोजित और सोची-समझी साजिश थी, जिसके परिणामस्वरूप 53 लोगों की मौत हुई, और सैकड़ों करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस हिंसा से जुड़े 753 एफआईआर दिल्ली में दर्ज की गईं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Maharashtra: स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर एमवीए का मंथन शुरू, उद्धव-राज ठाकरे समेत गठबंधन दलों के नेता शामिल

दंगों को देशभर में फैलाने की कोशिश की गई थी- पुलिस
पुलिस ने ये भी दावा किया कि जांच के दौरान मिले चैट संदेशों और डिजिटल साक्ष्यों, जिनमें ट्रंप के नाम का भी जिक्र है, से यह साफ होता है कि यह योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे देशभर में फैलाने का भी प्रयास किया गया था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में पुलिस के हलफनामे और आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे सुनवाई करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें