दिल्ली दंगों के सबसे ज्यादा पीड़ितों का इलाज गुरू तेग बहादुर अस्पताल में हुआ है और यहीं पर सबसे ज्यादा लोगों की मौत भी हुई है। गुरुवार देर शाम तक अस्पताल में कुल 215 दंगा पीड़ितों को लाया जा चुका है। इनमें नौ पीड़ितों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है जबकि 25 पीड़ितों को ‘मृत लाया हुआ (ब्राट डेड)’ घोषित किया गया था। इस तरह अस्पताल से 34 लोगों के मौत की खबर है। अस्पताल में अभी भी 51 पीड़ितों का इलाज चल रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली दंगों में दोनों ही पक्षों को नुकसान हुआ है। दोनों ही पक्षों के लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन इसी बीच यह संतोषजनक खबर सामने आई है कि प्रशासन की सतर्कता बढ़ने के बाद गुरुवार को चौथे दिन किसी भी क्षेत्र से हिंसा की कोई ताजा घटना नहीं घटी है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
पटपड़गंज के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहे दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी अमित शर्मा की तबियत में भी सुधार हुआ है। उन्हें आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया है और अब उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। इस अस्पताल में कुल ग्यारह लोगों को भर्ती किया गया था। इसमें आठ लोगों को इलाज कर छुट्टी दी जा चुकी है जबकि डीसीपी सहित तीन लोगों का इलाज अभी भी चल रहा है।