वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार की तुलना कोरोना वायरस की तरह त्रासदी से करते हुए कहा है कि पार्टी को गंभीरता से अपनी समीक्षा करनी चाहिए।
अगर ऐसा नहीं किया गया तो पार्टी के अप्रासंगिक होने की संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए। रमेश की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने भी पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए ‘‘सर्जिकल’’ कार्रवाई का आह्वान किया है।
रमेश ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को अपना पुनरवालोकन करना होगा। कांग्रेस को यदि प्रासंगिक होना है तो उसे स्वयं का पुनरवालोकन करना होगा। अन्यथा, हम अप्रासंगिकता की ओर बढ़ रहे हैं। हमें अहंकार छोड़ना होगा, छह साल से सत्ता से दूर होने के बावजूद हममें से कई लोग कई बार ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे हम अब भी मंत्री हैं।
रमेश का मानना है कि कांग्रेस को दोबारा से मजबूत करने के लिए स्थानीय नेताओं को प्रोत्साहन देना होगा और आगे बढ़ाना होगा। रमेश ने कहा कि स्थानीय नेताओं को स्वतंत्रता और स्वायत्तता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे नेतृत्व के स्वभाव और शैली को बदलना होगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के चुनाव परिणाम ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह की शैली वाली राजनीति को खारिज किया है। चुनाव परिणाम उनके मुंह पर करारा तमाचा है और इसने प्रचार अभियान में इस्तेमाल की गई भाषा तथा तरकीबों को खारिज कर दिया।