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दिल्ली प्रदूषण से बेहाल: क्या सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ वर्चुअल सुनवाई? CJI बोले- सुबह की सैर से तबीयत खराब हुई

Wed, 26 Nov 2025 11:57 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

प्रदूषण की मार झेल रही राष्ट्रीय राजधानी में आम से लेकर खास तक बेहाल हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज अदालत में केवल वर्चुअल सुनवाई की संभावना पर कहा, प्रदूषण के कारण सुप्रीम कोर्ट में ऐसी व्यवस्था लागू की जा सकती है। सीजेआई ने कहा, सुबह की सैर से उनकी तबीयत खराब हो गई।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ वर्चुअल सुनवाई की संभावना पर विचार करते हुए कहा कि एक दिन पहले जब वह एक घंटे के लिए सुबह की सैर पर निकले तो उन्हें तबीयत खराब लगने लगी। सीजेआई ने कहा, वर्चुअल सुनवाई के बारे में वह बार से विचार करने के बाद फैसला लेंगे। सुनवाई के दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को वर्चुअल तरीके से कोर्ट में बात रखने देने का विचार भी सामने आया।

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प्रदूषण की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने यह टिप्पणी एसआईआर मामले की चल रही सुनवाई के दौरान की। सुनवाई के बीच आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट की मांग की।

उन्होंने कहा, मुझे (सीने में) जकड़न की समस्या है... कृपया मेरे सहयोगी को नोट्स लेने की अनुमति दें। मैं अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होना चाहता हूं। द्विवेदी ने कहा, मुझे सुबह की सैर के बाद कुछ समस्याएं हो रही हैं। मैं कोर्ट की अनुमति चाहता हूं। मुझे ऑनलाइन उपस्थित होने की अनुमति दी जाए, मेरी तबियत ठीक नहीं है।
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इस पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल भी सहमत थे और कहा, हमारी उम्र में, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 400-500 है, हम घातक हवा में सांस ले रहे हैं। इसके बाद ही सीजेआई ने कहा, कल मैं एक घंटे के लिए सैर पर गया था। मुझे अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वकीलों को व्यक्तिगत सुनवाइयों से बाहर रखने की संभावना पर चर्चा की।

सीजेआई ने कहा, अगर मैं कोई निर्णय लूंगा, तो सबसे पहले हम बार को विश्वास में लेंगे। हम वकीलों और वादियों-प्रतिवादियों की कठिनाइयों को देखेंगे। अगर हमें कोई प्रस्ताव मिलता है, तो हम कुछ करेंगे। मैं शाम को कार्यालय के पदाधिकारियों से मिलूंगा और कुछ कदम उठाऊंगा। वर्तमान में कोर्ट हाइब्रिड मोड में काम कर रहा है और सुनवाई के दौरान शारीरिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल उपस्थिति की भी अनुमति है।

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